बरेली। बरेली कोर्ट परिसर में बंदियों की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी लापरवाही सामने आई है। पेशी के लिए लाया गया बंदी पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। मामला सामने आने के बाद एसएसपी अनुराग आर्य ने सख्त कार्रवाई करते हुए आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। वहीं, फरार बंदी समेत नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। बंदी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें लगाई गई हैं।

पेशी के दौरान मौका पाकर फरार हुआ बंदी
पुलिस के मुताबिक, 21 अक्टूबर 2026 को जिला कारागार से सचिन पुत्र चंद्रभान को पेशी के लिए बरेली कोर्ट परिसर स्थित लॉकअप में लाया गया था। सचिन सुभाषनगर थाना क्षेत्र का निवासी है। जानकारी के अनुसार, उस दिन सत्र हवालात से छह बंदियों को पेशी के लिए बाहर निकाला गया था। पेशी के बाद पांच बंदी वापस लौट आए, लेकिन सचिन हवालात नहीं पहुंचा। बंदियों की गिनती के दौरान उसके गायब होने का पता चला। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज की जांच कर मामले की पड़ताल शुरू की।

आठ पुलिसकर्मी निलंबित, नौ के खिलाफ मुकदमा
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी अनुराग आर्य ने हवालात की ड्यूटी और बंदी को पेशी के लिए ले जाने में तैनात आठ पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। बरेली कोर्ट सुरक्षा चौकी प्रभारी की तहरीर पर कोतवाली थाने में मुकदमा अपराध संख्या 528/26 दर्ज किया गया है। इसमें फरार बंदी सचिन और आठ पुलिसकर्मियों समेत कुल नौ लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 261 और 262 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

बंदी की तलाश में जुटीं पुलिस की चार टीमें
सीओ आशुतोष शिवम ने बताया कि फरार बंदी की गिरफ्तारी के लिए सर्विलांस, एसओजी, कोतवाली और सुभाषनगर पुलिस की चार टीमें गठित की गई हैं। टीमें बंदी के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और उसकी तलाश में सुरागरसी-पतारसी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि फरार बंदी को जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस घटना ने बरेली कोर्ट परिसर में बंदियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भीम मनोहर, बरेली



