बरेली। कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए बरेली रेंज पुलिस ने व्यापक सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था लागू कर दी है। यात्रा मार्ग पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस ने डीजे की ध्वनि सीमा तय करने, मांस की दुकानों को बंद रखने और हाईवे पर स्थित शराब की दुकानों के प्रदर्शन पर नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

पुलिस के अनुसार बरेली रेंज के अंतर्गत आने वाले बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर विभाजित किया गया है। पूरे क्षेत्र को 8 सुपर जोन, 26 जोन, 82 सेक्टर और 220 सब-सेक्टर में बांटकर लगभग 10 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इनके अलावा पीएसी और पैरामिलिट्री बल भी सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करेंगे। बदायूं के कछला घाट पर अस्थायी थाना, चार पुलिस चौकियां, वॉच टावर और कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं।
पुलिस ने कांवड़ समितियों, शिविर संचालकों और डीजे संचालकों के साथ बैठक कर स्पष्ट कर दिया है कि कांवड़ की ऊंचाई 12 फीट और चौड़ाई 10 फीट से अधिक नहीं होगी। साथ ही डीजे और साउंड सिस्टम की ध्वनि सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित 75 डेसिबल की सीमा से अधिक नहीं रखी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।
यात्रा मार्ग पर स्थित सभी मांस की दुकानें, कच्चे मांस के विक्रय केंद्र, होटल, ढाबे और मांस बेचने वाले ठेले यात्रा अवधि के दौरान बंद रहेंगे। वहीं शराब की दुकानों के संबंध में पुलिस ने फिलहाल हाईवे किनारे स्थित दुकानों को ढककर रखने और उनके प्रचार-प्रदर्शन से बचने के निर्देश दिए हैं। आगे की कार्रवाई शासन और आबकारी विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जाएगी।
पूरे कांवड़ मार्ग की निगरानी ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी नेटवर्क और इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से की जाएगी। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए एआई आधारित अनाउंसमेंट सिस्टम का उपयोग किया जाएगा, जबकि सामान्य वाहनों को आवश्यकता अनुसार गंगा एक्सप्रेसवे की ओर डायवर्ट किया जाएगा। पुलिस का दावा है कि कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।



