बरेली। आंवला तहसील के अलीगंज थाना क्षेत्र स्थित ग्राम इंचौर झूनानगर
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे अजीत का आठ वर्षीय बेटा अंशु और उसके चाचा राजेश उर्फ नन्हें की छह वर्षीय बेटी कृष्का गांव की परचून की दुकान से बिस्किट खरीदकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में खड़ी एक पुरानी और जर्जर पक्की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। दोनों बच्चे दीवार के मलबे में दब गए।

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने बिना देर किए मलबा हटाकर बच्चों को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना तत्काल डायल-112 पर दी गई, जिसके बाद अलीगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं कानूनी कार्रवाई शुरू की।
घटना की जानकारी मिलने पर इंस्पेक्टर जगत सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि हादसे में दो बच्चों की जान गई है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में अन्य आवश्यक कार्रवाई भी की जा रही है।
कुछ ही देर बाद आंवला तहसीलदार वृजेश कुमार वर्मा भी घटनास्थल पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। प्रशासन की ओर से दोनों मृतक बच्चों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा की गई है।
ग्रामीणों के अनुसार, दोनों बच्चों के पिता पंजाब में रहकर मजदूरी करते हैं। हादसे की सूचना मिलते ही वे अपने गांव के लिए रवाना हो गए हैं। एक ही परिवार के दो मासूम बच्चों की असमय मौत से ग्राम इंचौर झूनानगर ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। हर किसी की जुबान पर इस दर्दनाक हादसे की चर्चा है और गांव का माहौल गमगीन बना हुआ है।




