बरेली। हाफिजगंज थाना क्षेत्र के गांव खाईखेड़ा में मुहर्रम के जुलूस के दौरान कथित तौर पर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए जाने का वायरल वीडियो पुलिस जांच में भ्रामक निकला है। मामले की जांच के बाद पुलिस ने दावा किया है कि वीडियो को सुनियोजित तरीके से रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था, जिससे क्षेत्र का माहौल प्रभावित हो सकता था।
पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में एक बच्चे के मुंह से आपत्तिजनक शब्द बुलवाए जाने का दावा किया गया था। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं और लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि गांव खाईखेड़ा निवासी योगेंद्र पाल और भुवनेश कुमार ने कथित रूप से एक बच्चे से ये शब्द बुलवाए और उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया दोनों आरोपियों की मंशा माहौल को प्रभावित करने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की प्रतीत हुई।
जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
क्षेत्राधिकारी (सीओ) निलेश मिश्र ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच में तथ्य सामने आने के बाद मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाह फैलाने या समाज में वैमनस्य पैदा करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वीडियो या संदेश को बिना सत्यापन के साझा न करें और भ्रामक सूचनाओं से बचें




