बरेली। बरेली के एक परिषदीय विद्यालय से प्रशासनिक लापरवाही का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक प्रधानाध्यापिका को निर्धारित समय से पहले सेवानिवृत्त मान लिया गया। उन्हें औपचारिक विदाई दी गई, विद्यालय का कार्यभार दूसरे शिक्षक को सौंप दिया गया और सेवानिवृत्ति से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं भी पूरी कर ली गईं। लेकिन बाद में रिकॉर्ड की जांच में पता चला कि उनकी सेवा अवधि अभी समाप्त नहीं हुई थी।

मामला प्राथमिक विद्यालय साहूकारा का है। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका शकुंतला भास्कर ने मार्च माह में सेवा निवृत्ति मानते हुए अपना कार्यभार छोड़ दिया था। इसके बाद स्कूल स्टाफ ने उनका सम्मान समारोह आयोजित कर विदाई दी और विद्यालय की जिम्मेदारी दूसरे शिक्षक को सौंप दी गई।
मामले ने तब नया मोड़ लिया जब पेंशन संबंधी दस्तावेजों की प्रक्रिया शुरू हुई। अभिलेखों की जांच के दौरान सामने आया कि शिक्षिका की वास्तविक सेवा अवधि में अभी लगभग एक वर्ष का समय शेष है। इस जानकारी के सामने आते ही शिक्षा विभाग में हलचल मच गई।
बताया जा रहा है कि विभागीय स्तर पर सेवा अभिलेखों और जन्मतिथि संबंधी रिकॉर्ड के सत्यापन में हुई त्रुटि के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। अब संबंधित दस्तावेजों की दोबारा जांच की जा रही है और शिक्षिका को पुनः कार्यभार सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस चूक के लिए जिम्मेदार कौन है। घटना ने शिक्षा विभाग में रिकॉर्ड सत्यापन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बीएसए डॉक्टर विनीता ने बताया कि मामले में जांच चल रही है। मामले में आवश्यक कार्रवाई होगी।




