टीजीटी परीक्षा में दो सॉल्वर गिरफ्तार, अनुभवी अधिकारियों की निगरानी में नकल की कोशिश नाकाम

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बरेली।

प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) भर्ती परीक्षा के पहले ही दिन नकल माफियाओं की सेंधमारी की कोशिश नाकाम हो गई। जिले के दो परीक्षा केंद्रों पर दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे दो सॉल्वर बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान पकड़ लिए गए। दोनों मामलों में संबंधित थानों में मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षक एवं पूर्व आईजी डॉ. राकेश सिंह ने केंद्रों का निरीक्षण कर अधिकारियों को निष्पक्ष और नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

 

बरेली में टीजीटी भर्ती परीक्षा के दौरान बायोमेट्रिक जांच में पकड़े गए दो फर्जी अभ्यर्थियों के मामले की जांच करती पुलिस।

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित टीजीटी परीक्षा को लेकर प्रदेशभर में विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। आयोग ने परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को प्रेक्षक नियुक्त किया है। इसी क्रम में बरेली पहुंचे सेवानिवृत्त आईजी डॉ. राकेश सिंह ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा, बायोमेट्रिक सत्यापन और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता भर्ती परीक्षाओं को पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ संपन्न कराना है। मेधावी अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए नकल और फर्जीवाड़े के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई गई है। उन्होंने बताया कि आगामी महीनों में शिक्षक भर्ती और प्रधानाचार्य चयन सहित कई महत्वपूर्ण परीक्षाएं प्रस्तावित हैं, जिनके लिए सुरक्षा और निगरानी की व्यापक रणनीति तैयार की गई है।

बायोमेट्रिक जांच में उजागर हुई पहचान

परीक्षा की प्रथम पाली में शहर के दो अलग-अलग केंद्रों पर फर्जी अभ्यर्थियों की पहचान उजागर हुई। इस्लामिया इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर एक युवक दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचा था। बायोमेट्रिक मिलान के दौरान उसकी पहचान संदिग्ध पाई गई और जांच में पूरा मामला सामने आ गया। केंद्र प्रशासन की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया।

वहीं बरेली कॉलेज परीक्षा केंद्र पर भी इसी तरह का मामला सामने आया, जहां एक अन्य युवक वास्तविक अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने पहुंचा था। बायोमेट्रिक सत्यापन में गड़बड़ी मिलने के बाद उसे हिरासत में लिया गया और बारादरी थाने में कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।

सीसीटीवी और सुरक्षा व्यवस्था से नाकाम हुई साजिश

परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के चलते फर्जी अभ्यर्थियों की पहचान समय रहते हो गई। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इन मामलों के पीछे किसी संगठित सॉल्वर गैंग या नकल माफिया का हाथ तो नहीं है।

अधिकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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Author: newsvoxindia

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