बरेली। सिटी रेलवे कॉलोनी स्थित दरगाह हज़रत सैयद शेर शाह बाबा पर आयोजित तीन दिवसीय उर्स का सोमवार को कुल शरीफ के साथ रूहानी माहौल में समापन हो गया। उर्स में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने दरगाह पहुंचकर चादर और फूल पेश किए तथा अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी।

उर्स की शुरुआत नमाज-ए-फज्र के बाद कुरानख्वानी से हुई। शाम को नमाज-ए-इशा के बाद मिलाद शरीफ की महफिल सजाई गई, जिसमें उलमा-ए-किराम और नातख्वानों ने नात-ए-पाक पेश कर महफिल को रूहानी रंग में रंग दिया। हजरत मोहम्मद मुस्तफा और हज़रत शेर शाह बाबा की शान में तकरीरें पेश की गईं, जिन्हें सुनकर अकीदतमंदों का ईमान ताजा हो गया।
उर्स के दूसरे दिन सूफियाना कलाम और कव्वाली की महफिल ने समां बांध दिया। मशहूर कव्वालों ने अपने कलामों से महफिल में मौजूद लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। देर रात तक चली कव्वाली में अकीदत और मोहब्बत का रंग साफ नजर आया।
उर्स के आखिरी दिन सोमवार सुबह 10:38 बजे कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। इस दौरान फातेहा ख्वानी कर देश में अमन, भाईचारे और तरक्की की दुआएं मांगी गईं।
कार्यक्रम में इंतजामिया कमेटी के सुल्तान खान, शफीक बेग, फैजान खान, दानिश बेग, मुदस्सिर बेग, मोहम्मद हाशिम मंसूरी, मोहम्मद आलम मंसूरी, मोहम्मद मेहताब मंसूरी और ओवैस मंसूरी समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।




