बरेली। कहते है “जिसे भगवान बचाना चाहते हैं, उसके लिए रास्ते खुद बन जाते हैं।” नवाबगंज क्षेत्र में यह कहावत उस समय सच होती नजर आई जब गन्ने के कोल्हू के पास बनी संकरी सुरंग में फंसे चार साल के मासूम को दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया। करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद बच्चे को सकुशल निकालने पर परिवार और आसपास के लोगों ने राहत की सांस ली।

जानकारी के अनुसार बरखन निवासी संतोष पीलीभीत-बरेली बाईपास के पास स्थित गरगइया गांव में एक कोल्हू पर मजदूरी करते हैं। उनके पालतू कुत्ते का एक छोटा पिल्ला पास में बनी एक खाली सुरंग में घुस गया था। पिल्ले को बाहर निकालने की कोशिश में संतोष का चार वर्षीय बेटा विपिन भी सुरंग के अंदर रेंगते हुए चला गया। कुछ ही पलों में बच्चा मिट्टी और संकरी जगह के बीच फंस गया।
बच्चे के रोने की आवाज सुनते ही वहां अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग मौके पर जुट गए।
बताया जा रहा है कि करीब 2 घंटे से अधिक समय तक चले रेस्क्यू अभियान के दौरान जेसीबी मशीनों की मदद से सुरंग के आसपास खुदाई की गई। सावधानी के साथ रास्ता बनाते हुए दमकल कर्मियों ने बच्चे तक पहुंच बनाई और उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
सीएफओ मनु शर्मा ने बताया कि इस घटना की सूचना परिजनों की ओर से दमकल विभाग को नहीं दी गई थी। किसी स्थानीय व्यक्ति ने फोन कर घटना की जानकारी दी, जिसके बाद उनकी टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया। उन्होंने बताया कि कड़ी मशक्कत के बाद बच्चे को सुरंग से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। मासूम सुरक्षित है उसका स्वास्थ्य भी ठीक है।
मौके पर मौजूद लोगों ने दमकल कर्मियों की तत्परता और साहस की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते पहुंची टीम ने देवदूत बनकर मासूम की जान बचा ली।



