बरेली। प्रयागराज में मनरेगा बचाओ संग्राम यात्रा के दौरान एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी और उनके साथियों के साथ हुए कथित निंदनीय एवं अमर्यादित व्यवहार के विरोध में महानगर कांग्रेस कमेटी और एनएसयूआई ने बरेली कचहरी स्थित पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह पार्क में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद अपर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान कोतवाल से कांग्रेस नेताओं की तीखी नोकझोंक भी हुई, जिसके बाद अपर मजिस्ट्रेट ने ज्ञापन स्वीकार किया।
धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए महानगर कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश दद्दा ने कहा कि वर्तमान सरकार स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े महापुरुषों और सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले नेताओं के प्रति नफरत की भावना रखती है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महात्मा गांधी के नाम और विचारधारा को मिटाने की कोशिश कर रही है, जबकि पूरा विश्व गांधी जी का सम्मान करता है।
दद्दा ने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे कार्यकर्ताओं को कुचलने का प्रयास लोकतंत्र के खिलाफ है और ऐसी सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा का नाम पूर्व की तरह बहाल नहीं किया गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
मनरेगा बचाओ संग्राम यात्रा के कोऑर्डिनेटर डॉ. हरीश गंगवार ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब प्रदेश सरकार पहले ही मनरेगा में अपना अंश देने में असमर्थ रही है, तो 60:40 के अनुपात में राशि कैसे दे पाएगी। उन्होंने यह भी पूछा कि मनरेगा मजदूरों की मजदूरी का भुगतान कब किया जाएगा और आशा बहनों को कई दिनों से धरना देने के बावजूद उनका भुगतान क्यों नहीं हो रहा है।
एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष मोहम्मद नदीम सिद्दीकी ने प्रयागराज में वरुण चौधरी और कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस व्यवहार की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यदि सरकार युवाओं के साथ ऐसा ही रवैया अपनाती रही, तो नौजवान सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।धरना-प्रदर्शन का संचालन प्रवक्ता पंडित राज शर्मा ने किया और ज्ञापन पढ़कर अपर मजिस्ट्रेट को सौंपा।
इस मौके पर के.बी. त्रिपाठी, महिंदर पाल गंगवार, प्रवीण मिश्रा, आशीष रुस्तम, नाजिया हुसैन, मनोज शर्मा, डॉ. हरीश गंगवार, डॉ. सरताज हुसैन नूरी, रमेश श्रीवास्तव, अकरम खान, विनोद कुमार, महामंत्री मोबीन अंसारी, प्रेम सिंह चौधरी, सफदर अली बुखारी, मनोज कुमार घोस, फैजर नवाब, नजमी जोया खान, मोहम्मद कासिम, एडवोकेट रूबी, निहाल खान, मुजमिल हुसैन सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ता मौजूद रहे।



