बरेली। भीम आर्मी भारत एकता मिशन (पंजीकृत सामाजिक संगठन) ने संगठन के नाम पर फर्जी पदाधिकारी बनकर गतिविधियां करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में संगठन की ओर से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बरेली को लिखित शिकायती पत्र सौंपा गया है।
संगठन के जिला अध्यक्ष अमोल कुमार ने आरोप लगाया कि कुछ लोग स्वयं को भीम आर्मी का पदाधिकारी बताकर संगठन के नाम, पद और बैनर का दुरुपयोग कर रहे हैं। इससे न सिर्फ संगठन की छवि को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि समाज में भ्रम और अशांति की स्थिति भी पैदा हो रही है।
शिकायत पत्र में स्पष्ट किया गया है कि संगठन के संस्थापक एडवोकेट चंद्रशेखर आजाद ‘भीम’, पुत्र विजय कुमार आजाद द्वारा 7 जून 2019 को ही विनय रतन सहित कुछ अन्य व्यक्तियों को संगठन से निष्कासित किया जा चुका है। इसके बावजूद ये लोग खुद को संगठन से जुड़ा बताकर फर्जी गतिविधियों में लिप्त हैं।
संगठन ने आरोप लगाया कि ऐसे असामाजिक तत्व जानबूझकर भीम आर्मी की सामाजिक छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे कानून-व्यवस्था बिगड़ने की भी आशंका बनी हुई है। प्रशासन से मांग की गई है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाए, ताकि संगठन की गरिमा और सामाजिक शांति बनी रहे।
इस दौरान मंडल अध्यक्ष आशीष श्याम वाल्मीकि और प्रदेश अध्यक्ष अंकित कुमार आजाद के नेतृत्व में संगठन की आधिकारिक स्थिति भी स्पष्ट करते हुए कहा गया कि भीम आर्मी भारत एकता मिशन की मान्य और वैध इकाइयों के अलावा किसी भी व्यक्ति या समूह को संगठन का प्रतिनिधित्व करने का अधिकार नहीं है।



