बरेली बार एसोसिएशन चुनाव: त्रिकोणीय मुकाबले में हाई-वोल्टेज सियासत, मनोज हरित को मिल रहा मजबूत समर्थन

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बरेली। बरेली बार एसोसिएशन के द्विवार्षिक चुनाव ने इस बार पूरे बार परिसर को चुनावी अखाड़े में तब्दील कर दिया है। अध्यक्ष पद के लिए निवर्तमान अध्यक्ष मनोज हरित, पूर्व अध्यक्ष अनिल द्विवेदी और ज्वाला प्रसाद गंगवार के बीच त्रिकोणीय मुकाबला तय हो गया है। तीनों प्रत्याशियों की मजबूत दावेदारी के चलते चुनाव बेहद रोमांचक और हाई-वोल्टेज बनता जा रहा है।

 

निवर्तमान अध्यक्ष मनोज हरित को युवा अधिवक्ताओं के साथ-साथ वरिष्ठ अधिवक्ताओं का भी व्यापक समर्थन मिलता नजर आ रहा है। अपने कार्यकाल में पारदर्शिता, सकारात्मक सोच और आधुनिक व्यवस्था पर जोर देने वाले मनोज हरित ने बार को नई दिशा देने का प्रयास किया है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में अधिवक्ता उन्हें दोबारा अध्यक्ष के रूप में देखने के पक्ष में खड़े दिखाई दे रहे हैं।


मनोज हरित का कहना है कि उनके कार्यकाल में बार एसोसिएशन को समय की जरूरतों के अनुरूप ढालने की शुरुआत की गई है और आगे भी अधिवक्ताओं की सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी जाएगी। उनका प्रमुख फोकस युवा अधिवक्ताओं के लिए स्थायी बैठने की व्यवस्था, बेहतर मूलभूत सुविधाएं और आधुनिक कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है। युवा वकील उन्हें ऊर्जावान और दूरदर्शी नेतृत्व के प्रतीक के रूप में देख रहे हैं।

वहीं पूर्व अध्यक्ष अनिल द्विवेदी अपने अनुभव और पुराने कार्यकाल की उपलब्धियों के दम पर चुनावी मैदान में मजबूती से डटे हुए हैं। ज्वाला प्रसाद गंगवार भी लगातार जनसंपर्क कर अपनी उपस्थिति मजबूत बनाए हुए हैं। तीनों प्रत्याशियों की सक्रियता ने बार परिसर में चुनावी सरगर्मियों को चरम पर पहुंचा दिया है।
इन दिनों बार परिसर में छोटी-छोटी बैठकों, समूह चर्चाओं और व्यक्तिगत संपर्क का दौर तेज है। प्रत्याशी और उनके समर्थक अधिवक्ताओं से सीधे संवाद कर समर्थन जुटाने में जुटे हैं। चुनावी चर्चा अब केवल कचहरी परिसर तक सीमित नहीं रही, बल्कि शहर के विभिन्न हिस्सों में भी अधिवक्ताओं के बीच इस मुकाबले को लेकर गर्माहट बनी हुई है।

चुनावी एजेंडे में अधिवक्ताओं के लिए बेहतर बैठने की व्यवस्था, पुस्तकालय का आधुनिकीकरण, डिजिटल सुविधाओं का विस्तार, पार्किंग और चैंबर जैसी बुनियादी समस्याओं का समाधान प्रमुख मुद्दे हैं। इसके साथ ही न्यायालय प्रशासन से बेहतर समन्वय, अधिवक्ताओं के सम्मान और सुरक्षा से जुड़े विषय भी चुनावी विमर्श के केंद्र में हैं।

कुल मिलाकर यह चुनाव बेहद कांटे का माना जा रहा है। हालांकि मौजूदा माहौल को देखते हुए निवर्तमान अध्यक्ष मनोज हरित के दोबारा अध्यक्ष पद पर आसीन होने के संकेत मिल रहे हैं। साफ है कि बरेली बार एसोसिएशन का यह चुनाव न केवल रोचक होगा, बल्कि आने वाले समय में बार की दिशा और दशा तय करने में निर्णायक भूमिका भी निभाएगा।

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Author: newsvoxindia

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