बरेली। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) का प्रमुख संस्थान आईवीआरआई ने वर्ष 2018 से 2023 तक के प्रदर्शन के विस्तृत मूल्यांकन में यह शीर्ष श्रेणी की मान्यता अर्जित की है। 2 से 4 जून 2025 तक NAAC की ऑन-साइट पीयर टीम ने संस्थान के अनुसंधान, शिक्षण, बुनियादी ढांचे और प्रबंधन से जुड़े सभी पहलुओं का व्यापक मूल्यांकन किया।
संस्थान के निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त ने इसे “समग्र टीम वर्क और वैश्विक मानकों के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम” बताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत की पशुधन समृद्धि और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने में आईवीआरआई की भूमिका को और सशक्त करेगी।
संस्थान के संयुक्त निदेशक (शैक्षणिक) डॉ. एस.के. मेंदीरत्ता ने बताया कि यह उपलब्धि 135 वर्षों से अधिक पुराने संस्थान के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ती है। उन्होंने आईक्यूएसी टीम, वैज्ञानिकों, शिक्षकों, छात्रों और सभी प्रशासनिक कर्मचारियों के सामूहिक योगदान को इसका श्रेय दिया।
NAAC द्वारा सात प्रमुख मानदंडों—शिक्षण-अधिगम, शोध व नवाचार, बुनियादी ढांचा, छात्र सहायता, शासन एवं प्रबंधन आदि—पर मूल्यांकन किया जाता है, जिन सभी में आईवीआरआई ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
1889 में स्थापित आईवीआरआई पहले भी देश की पशुधन अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता रहा है, और A++ ग्रेड इसकी भविष्य की वैश्विक नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है।



