मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई के अपमान के विरोध में बहुजन संगठनों ने राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन

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बरेली।देश के उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश माननीय बी.आर. गवई के अपमान के विरोध में सोमवार को बहुजन समाज के विभिन्न संगठनों ने महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी बरेली को सौंपा।

 

संगठनों ने ज्ञापन के माध्यम से आरोप लगाया कि अधिवक्ता राकेश किशोर द्वारा 6 अक्टूबर 2025 को सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकना एक सुनियोजित साजिश और घृणित कृत्य है।

ज्ञापन में कहा गया कि अधिवक्ता राकेश किशोर ने न्यायालय में जूता फेंकते समय “सनातन धर्म का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान” का नारा लगाया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उन्होंने यह कदम संविधान विरोधी मानसिकता और पूर्वाग्रह से प्रेरित होकर उठाया।

बहुजन संगठनों ने कहा कि यह घटना केवल मुख्य न्यायाधीश का नहीं, बल्कि देश की न्याय व्यवस्था और संविधान की गरिमा का भी अपमान है। ऐसे कृत्य समाज में नफरत फैलाने का कार्य करते हैं।

 

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि इसी प्रकार की मानसिकता के कारण देशभर में दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार की घटनाएं लगातार हो रही हैं — जैसे रायबरेली में बाल्मीकि समाज के युवक हरिओम की हत्या, हरियाणा में आईपीएस अधिकारी बाई पूरन कुमार की आत्महत्या, और महापुरुषों की प्रतिमाओं का अपमान।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि अधिवक्ता राकेश किशोर ने यह कृत्य इस कारण किया क्योंकि माननीय मुख्य न्यायाधीश बौद्ध धर्म के अनुयायी हैं, जिससे यह घटना धार्मिक और जातिगत द्वेष से प्रेरित प्रतीत होती है।

संगठनों ने महामहिम राष्ट्रपति से मांग की कि राकेश किशोर के विरुद्ध संविधान सम्मत सख्त कार्रवाई करते हुए सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति न्यायपालिका और संविधान की गरिमा को ठेस पहुंचाने का दुस्साहस न कर सके।

ज्ञापन देने वालों में भारतीय बौद्ध महासभा, अंबेडकर जन्मोत्सव समिति, सामाजिक न्याय फ्रंट, संत गाडगे जनकल्याण समिति, गत बुद्ध समाज कल्याण समिति, भारतीय बौद्ध धम्म सार सोसाइटी, मौर्य समाज कल्याण समिति, अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा, यादव कल्याण समिति, अखिल भारतीय प्रजापति महासंघ, और जाटव महासभा के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

 

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Author: newsvoxindia

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