बरेली कॉलेज में अभी 3100 सीटें लॉक होना बाकी, विश्वविद्यालय से मोहलत मांगी

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बरेली, एनवीआई रिपोर्टर

बरेली कॉलेज में अब तक स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेशित करीब 31 सौ विद्यार्थियों की सीटें लॉक होना बाकी हैं। इसकी वजह से कॉलेज की ओर से रुहेलखंड विश्वविद्यालय को एक सप्ताह का समय और बढ़ाने का अनुरोध किया है। विश्वविद्यालय ने अंतिम तिथि 07 अगस्त निर्धारित की है।

बरेली कॉलेज में मंगलवार को करीब तीन सौ विद्यार्थियों की सीटें लॉक हुईं। अब तक 19 सौ सीटें लॉक हो चुकी हैं। स्नातक में करीब पांच हजार प्रवेश हुए हैं। ऐसे में अभी करीब 31 सौ सीटें लॉक होनी है। शुरुआत में समर्थ पोर्टल का सर्वर स्लो होने की वजह से दिक्कतें आईं। इसके अलावा सावन के सोमवार और बारिश की वजह से भी बच्चे कम आए। कई विद्यार्थी मेसेज भेजने के बाद भी सीटें लॉक कराने नहीं आए हैं। इसकी वजह से काफी दिक्कतें हो रही हैं।

आज बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बरेली कॉलेज में कार्यक्रम है, इसकी वजह से विद्यार्थियों को सीट लॉक के लिए नहीं बुलाया गया है। इसके बाद सिर्फ एक दिन का समय बचा है, ऐसे में पूरी सीटें लाॅक होना मुश्किल है। ऐसे में कॉलेज की ओर से विश्वविद्यालय से समय बढ़ाने का अनुरोध किया गया है।

बहुभाषी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए मांगा सहयोग

रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने बहुभाषी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सभी संकायाध्यक्षों और विभागाध्यक्षों से सहयोग करने को कहा है। कुलसचिव संजीव कुमार ने सभी संकायाध्यक्षों और विभागाध्यक्षों को पत्र लिखा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फार मल्टीलिंगुअल स्टडीज की ओर से विदेशी भाषाओं जैसे मैंडरीन, चाइनीज, जर्मन और स्पैनिस भाषाओं में डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं।

इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को बहुभाषिक दक्षताओं से सुसज्जित करना और उनके बहुभाषिक कौशल को विकसित करना है। विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं में बहुभाषिक शिक्षा को सुदृढ़ करने एवं इन पाठ्यक्रमों में नामांकन को प्रोत्साहित करने के लिए विश्वविद्यालय परिसर के प्रत्येक संकाय और विभाग से विद्यार्थियों को पंजीकरण में सहयोग प्रदान करें।

आग्रह है कि अपने-अपने विभागों में इस सूचना को प्रसारित कराते हुए विद्यार्थियों को इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए प्रोत्साहित करते हुए आवश्यकतानुसार अपना सहयोग प्रदान करें। आपकी सक्रिय सहभागिता से विश्वविद्यालय के विद्यार्थी वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए बेहतर रूप से तैयार हो सकेंगे।

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Author: newsvoxindia

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