
आजकल कोरोना का डर हर व्यक्ति के मन में बसा हुआ है। उससे लड़ने के लिए सारा संसार जी तोड़ मेहनत कर रहा है। इसका तोड़ विज्ञान के पास चाहे न हो लेकिन अध्यात्म की बात की जाए तो भारतीय संस्कृति में धार्मिक कामों का अपना महत्व है। सोमवार का दिन भगवान शिव की साधना और भक्ति के लिए उत्तम माना गया है। भगवान रुद्र साक्षात महाकाल हैं । वे अपने भक्तों को हर रोग और शोक से बचाते हैं।
विभिन्न धर्म ग्रंथों, वेद, पुराण आदि में अनेक ऐसे मंत्र और अनुष्ठान दिए गए हैं, जिनके द्वारा जटिल से जटिल बीमारियों, कष्टों, समस्याओं का निवारण सम्भव है। यहां तक कि अकाल मृत्यु और दुर्घटना से बचाव के लिए इन मंत्रों का विधि पूर्वक जाप किया जा सकता है। ऐसा ही एक मंत्र है महामृत्यंजय मंत्र, जिसे रुद्र मंत्र, त्रयम्बकम मंत्र, मृत संजीवनी मंत्र आदि नामों से जाना जाता है। ध्यान दें ऐसे संकट काल में एहतियात बरतते हुए धैर्य को नहीं खोना चाहिए। संकट की घड़ी में भगवान महामृत्युंजय की शरण लेने से सभी रोग, शोक, दोष दूर हो जाते हैं।
ॐ हौं जूं स: भूर्भुव: स्व:
ॐ त्रयम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।र्वारुकमिव बंधनानमृत्योर्मुक्षीय मामृतात।
स्व: भुव: भू ॐ स: जूं हौं ॐ ।
मंत्र की श्रद्धापूर्वक साधना करने से जीवन में अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता तथा दुर्घटना आदि से बचाव होता है। महामृत्युंजय मंत्र की साधना पूर्ण श्रद्धा, विश्वास और निष्ठा के साथ विधि-विधान से करनी चाहिए।
– आचार्य मुकेश मिश्रा
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-रोग, व्याधी, महामारी के समय महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से शंकर भगवान जी सारे कष्ट दूर करते है !!
महादेव देवों के देव के नाम से जाने जाते हैं महादेव के बारे में यह कहा जाता है कि वह भक्तों की पुकार जल्द सुनकर उनके दुख दर्द दूर करते हैं भगवान शिव अपने भक्तों पर जल्द प्रसन्न हो जाते हैं जटाधारी शिव शंकर जी को प्रसन्न करने में किसी भी मनुष्य को कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ता है !शास्त्रों में कहा गया है कि महादेव के महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं* और इसके सामने यमराज को भी हार माननी पड़ती है !!
– आचार्य अनुराग अवस्थी
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मृत्युंजय का सीधा अर्थ है मृत्यु को भी विजय करने वाला महामृत्युञजय मंत्र भगवान रूद्र का एक सर्वशक्तिशाली और साक्षात् प्रभाव देने वाला सिद्ध मंत्र है और अधिकांशतः लोग इससे परिचित भी हैं ही, समान्यतया अच्छे स्वास्थ के लिए, असाध्य रोगों से मुक्ति के लिए और अकाल मृत्यु-भय से रक्षा के लिए महामृत्युंजय मंत्र जाप किया जाता है या कर्मकाण्डी ब्राह्मण से इसका अनुष्ठान कराया जाता है पर महामृत्युंजय मंत्र का प्रयोग न केवल अकाल मृत्यु से रक्षा के लिए बल्कि आपके जीवन की और भी बहुत सी बाधाओं से मुक्ति देने में महामृत्युंजय मंत्र का जाप अपना चमत्कारिक प्रभाव दिखाता है:-
—-आचार्य पंडित ललित तिवारी
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मुश्किल (कोरोना वायरस) के इस वक़्त में डरे नहीं, अपने व अपनों पर विश्वास रखें। कोरोना वायरस के संक्रमण से 97 से 98 प्रतिशत मरीज़ अच्छे हो जाते है समुद्र मंथन के समय जब कालकूट नामक विष निकला था। तो उस समय महामृत्युंजय भगवान ने समस्त संसार को उससे मुक्ति दिलाई थी। कोरोनावायरस विष ही है ऐसे में महामृत्युंजय भगवान ही कोरोना से मुक्ति दिला सकते हैं। इसलिए उनकी शरण में जाना चाहिए महामृत्युंजय का जप करना चाहिए।
— आचार्य रमाकांत दीक्षित
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