Today’s special :-बुद्ध पूर्णिमा पर शुभ संयोग विखेरेगें ज्ञान का प्रकाश,

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बरेली – स्नान- दान, पूजा- पाठ का सर्वाधिक महत्व रखने वाली वैशाख मास की पूर्णिमा इस बार 16 मई सोमवार को मनाई जाएगी। वैसे तो पूर्णिमा तिथि गत दिवस रविवार को मध्यान्ह 12:45 से ही प्रारंभ हो चुकी है जो, सोमवार को प्रातः 9:43 तक रहेगी। उदया तिथि की प्रधानता अनुसार पूर्णिमा सोमवार को ही मान्य है।इस बार पूर्णिमा पर कई शुभ संयोग बन रहे हैं। इसकी शुरुआत प्रातः काल सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि नामक योग से होगी। यह योग बहुत ही शुभ माने जाते हैं। पूर्णिमा के दिन गुरु और शनि ग्रह अपनी ही राशि में स्थित रहेंगे। ज्योतिष के अनुसार इन ग्रहों का अपनी राशि में होना और इन दोनों योगों का निर्माण बहुत ही सुख दायक माना जाता है।

 

ऐसे में इस दिन पूजा -पाठ का महत्व अन्य दिनों की अपेक्षा हजारों गुना बढ़ जाता है। इसलिए यह पूर्णिमा बेहद ही खास है। अगर इन शुभ संयोगों में कुछ विशेष पूजा की जाए तो ना सिर्फ जीवन में सुख- शांति आती है बल्कि, धन से संबंधित समस्या का भी अंत हो जाता है। छात्रों के लिए यह दिन वरदान के समान है इस दिन पूजा पाठ करने से ज्ञान के प्रकाश में तीव्रता से वृद्धि होती है।

-पूर्णिमा का धार्मिक महत्व

वैशाख माह में आने वाली पूर्णिमा तिथि को वैशाखी पूर्णिमा भी कहते हैं। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा का विधान है। इस दिन बुद्ध भगवान का जन्म हुआ था। इसलिए वैशाख पूर्णिमा को बुद्धपूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस दिन चंद्रमा की पूजा करने से व्यक्ति की कुंडली में मौजूद चंद्र दोष से मुक्ति मिलती है।

 

वही भगवान विष्णु को यह महीना बेहद ही प्रिय है। ब्रह्मा जी ने वैशाख माह को सभी महीनों में उत्तम कहा है। मान्यता है इस दिन व्रत रखने और पूजा आदि करने से भगवान विष्णु के साथ-साथ मृत्यु के देवता यमराज को भी प्रसन्न किया जा सकता है। इस दिन प्रात काल की बेला में गंगा- स्नान करें, नहीं तो घर में ही जल में गंगा जल मिलाकर के स्नान करें। दान-पुण्य, भगवान विष्णु की पूजा और दीपदान इस दिन अवश्य ही करना चाहिए।

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Author: newsvoxindia

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