
रामपुर :डेढ़ साल से ज्यादा समय से सीतापुर जेल में बंद अब्दुल्लाह आजम खान की जमानत सुप्रीम कोर्ट से मंजूर हो चुकी है लेकिन सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत में यह कंडीशन थी के वादी मुकदमा के बयान अदालत में दर्ज करने के बाद उन्हें रिहा किया जाए।ऐसे में अब जबकि रामपुर एमएलए एमपी कोर्ट में अब्दुल्ला आजम खान के दो पासपोर्ट के मामले में वादी मुकदमा के बयान हुए है तो वही अब्दुल्लाह आजम खान के जेल से रिहाई की उम्मीद बन रही है।
सपा सांसद मोहम्मद आजम खान पर जहां सत्ता परिवर्तन के बाद 100 से अधिक मुकदमे दर्ज हुए वही उनकी पत्नी डॉ तंजीम फातिमा और बेटे अब्दुल्लाह आजम पर भी कई दर्ज हुए | आजम खान व उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम 18 महीने से सीतापुर जेल के अंदर बंद है लेकिन पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अब्दुल्लाह आजम की सा शर्त जमानत हो चुकी हो जिसमें वादी आकाश सक्सेना के बयान दर्ज होने थे जिसकी प्रक्रिया रामपुर कोर्ट में जारी है अब वादी के बयानों के बाद अब्दुल्लाह आजम की जेल से रिहाई का रास्ता करीब करीब साफ माना जा रहा है |
शिकायतकर्ता आकाश सक्सेना उर्फ हनी के मुताबिक अब्दुल्ला आज़म के जो पासपोर्ट वाला मामला है उसमें आज बयान दर्ज हुए है उसमे बुद्धवार को पूरे दिन बयान दर्ज हुए और आज भी यह जारी रहेंगे। दरसल यह पासपोर्ट से सम्बंधित मामला है। उसमे सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है बयानों के बाद रिहा करने को कहा गया है इसमें खाली अब्दुल्लाह आजम मुजरिम है सुप्रीम कोर्ट के द्वारा यही कहा गया है आज भी जीरह हुई हैं और आज भी जारी रहेगी।

सरकारी वकील अरुण प्रकाश सक्सेना के मुताबिक अब्दुल्लाह आजम खां के दो पासपोर्ट बनाए गए f.i.r. में ऐसा आरोप है। उसमें ऐसा कहा गया है कि जब अब्दुल्लाह आजम माइनर थे तो उनके माता-पिता ने उनका पासपोर्ट बनवाया था। पासपोर्ट में उनकी बर्थ डेट 1-1 -1993 थी। सन 2012 में जब अब्दुल्ला आजम ने उस पासपोर्ट को रिन्यू कराया उन्होंने फिर से डेट ऑफ बर्थ 1-1-1993 लिखी थी। इसके बाद वादी मुकदमा आकाश सक्सेना ने इसकी शिकायत की तो अब्दुल्लाह आजम खान ने अपना वे पासपोर्ट सरेंडर कर दिया और एक नया पासपोर्ट बनवाया जिसमे 30-9-1990 जन्मतिथि लिखवाई थी। उसमें यह कहा मेरी पहले डेट ऑफ बर्थ गलत हो गई थी पासपोर्ट ऑफिस ने उस पर कुछ पेनाल्टी डाली थी उसके बाद एक नया पासपोर्ट जारी कर दिया था। बाद में एक विस्तृत जांच की गई पासपोर्ट अधिकारी द्वारा और 30- 9-1990 का पासपोर्ट है वे इंपाउंड किया जा चुका है। एफ आई आर 594/ 2020 जो कोतवाली सिविल लाइंस में धारा 420, 467, 468 471 आईपीसी में मुकदमा दर्ज किया गया था।
आकाश सक्सेना ने आरोप लगाया गया है कि इसमें मोहम्मद अब्दुल्ला आजम खान ने दो पासपोर्ट बनवाए और दोनों का इस्तेमाल भी किया उस से विदेश यात्राएं भी की और उसे आईडी के रूप में भी इस्तेमाल किया जो एक अपराध है। उनके खिलाफ चार्ज फ्रेम हो चुके हैं। वादी आकाश सक्सेना का बयान दर्ज कराया जा चुका है। और डिफेंस को मौका मिला है कि वे उनसे जिरह करें तो अभी आज पूरे दिन जिरह चली संभवत न्यायालय की अनुमति से गुरूवार को भी जिरह होगी। अब्दुल्ला आज़म खान के पासपोर्ट वाले मामले में जो सुप्रीम कोर्ट ने बेल दी है उसके साथ कुछ कंडीशन भी रखी है। अब्दुल्लाह आजम की बेल वादी मुकदमा के बयान दर्ज कराने के बाद दी जाए। जैसे यह बयान पूरे हो जाएंगे जिरह पूरी हो जाएगी उसके बाद अब्दुल्ला बेल ले सकते हैं।




