बरेली।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से महिलाओं को 50 हजार रुपये देने का ऐलान किए जाने के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सत्ता में आने पर महिलाओं को 40 हजार रुपये देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले महिलाओं को लेकर राजनीतिक दलों के बीच घोषणाओं की होड़ दिखाई दे रही है।
अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए मौलाना ने सवाल किया कि जब अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने महिलाओं के लिए क्या किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव बताएं कि उन्होंने किसी महिला को 40 हजार रुपये तो छोड़िए, 40 पैसे भी दिए हों तो।
मौलाना ने महिलाओं से अपील की कि वे चुनावी वादों को लेकर सोच-समझकर फैसला लें और किसी भी दल के लुभावने वादे के बहकावे में न आएं। उन्होंने कहा कि सत्ता हासिल करने के लिए राजनीतिक दलों की ओर से तरह-तरह के वादे किए जा रहे हैं।
मौलाना ने समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुसलमानों ने अखिलेश यादव और उनके पिता मुलायम सिंह यादव को कई बार मुख्यमंत्री बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके मुताबिक, जिस समुदाय ने समाजवादी पार्टी को सत्ता तक पहुंचाने में सहयोग किया, उसे अपेक्षित राजनीतिक हिस्सेदारी नहीं मिली।
उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी में आज मुसलमानों की राजनीतिक हैसियत सीमित कर दी गई है और उन्हें केवल चुनावी गतिविधियों तक सीमित रखा जाता है। मौलाना के इस बयान के बाद 2027 विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की सियासत में महिलाओं और मुस्लिम मतदाताओं को लेकर बयानबाजी और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।



