उर्स ए रजवी का पहला दिन : लहराया रज़वी परचम, सुब्हानी मियां ने की परचम कुशाई की रस्म अदा।

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देर रात तक जारी रहा तरही नातिया मुशायरा

पहले दिन हुज्जातुल इस्लाम का हुआ कुल शरीफ।
कोविड 19 की गाइड लाइन के अनुसार अदा हुई उर्स की सभी रस्में। 

 बरेली |   सुन्नी बरेलवियों के रूहानी पेशवा आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा खान फ़ाज़िले बरेलवी के 103 वे उर्स-ए-रज़वी का आज परचम कुशाई की रस्म से आगाज़ हो गया। उर्सस्थल इस्लामिया मैदान के गेट पर दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना सुब्हान रज़ा खान (सुब्हानी मियां) ने उलेमा व अक़ीदतमंदो की मौजूदगी में रज़वी परचम लहराया। इसी के साथ तीन रोज़ा रोज़ा का आगाज़ हुआ। रात 10.35 मिनट पर हुज्जातुल इस्लाम मुफ्ती हामिद रज़ा खान (हामिद मियां) साहब का कुल शरीफ हुआ। इसके बाद आल इंडिया तरही नातिया मुशायरा शुरू हुआ जो देर रात तक जारी था। उर्स की सभी तकरीबात कोविड 19 की गाइड लाइन के अनुसार दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना अल्हाज़ सुब्हान रज़ा खान (सुब्हानी मियां) की सरपरस्ती व सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रज़ा क़ादरी (अहसन मियां) की सदारत व  उर्स प्रभारी सय्यद आसिफ मियां की निगरानी में अदा हुई। निज़ामत (संचालन) कारी नाज़िर रज़ा ने किया।
  मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि आज तीन रोज़ा उर्स की शुरुआत दरगाह स्थित रज़ा मस्जिद में कुरानख्वानी से हुई। दिन में रज़वी परचम आज़म नगर स्थित हाजी अल्लाह बख्श के निवास से सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां की क़यादत में दरगाह आया। यहाँ सलामी देने के बाद परचम उर्सस्थल पहुँचा। इश्क़ मोहब्बत आला हज़रत-आला हज़रत के नारों से  दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना सुब्हान रज़ा खान (सुब्हानी मियां) सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां व उलेमा की मौजूदगी परचम कुशाई की रस्म अदा की। परचम कुशाई के बाद दरगाह प्रमुख हज़रत सुब्हानी मियां व सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने देश-दुनिया मे अमन व खुशहाली व कोरोना खात्मे की दुआ की। 

नमाज़ ए मग़रिब हाजी गुलाम सुब्हानी व आसिम नूरी ने मिलाद का नज़राना पेश किया। कारी नोमान रज़ा ने तिलावत-ए-कुरान से किया। मुफ्ती सलीम नूरी बरेलवी ने हुज्जातुल इस्लाम के किरदार पर रोशनी डालते हुए कहा कि आपने आला हज़रत द्वारा लिखी गयी किताबो को दुनिया भर में पहुँचाने का काम किया। मदरसा मंज़र-ए-इस्लाम के फरोग के लिए काम किया। रात 10.35 पर हुज्जातुल इस्लाम का कुल शरीफ हुआ। सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मिया ने ख़ुसूसी दुआ की।  इसके बाद तरही नातिया मुशायरा मुफ्ती सलीम नूरी, मुफ्ती आकिल रज़वी,मुफ्ती अनवर अली,मुफ्ती सय्यद कफील हाशमी के ज़ेरे निगरानी शुरू हुआ। मुशायरा का मिसरा तरही होगा ” फैले हुए है हाथ तिरे दर के सामने”। जो देर तक जारी था।    

  कार्यक्रम 3 अक्टूबर (इतबार):- बाद नमाज़-ए-फ़ज़्र कुरानख्वानी होगी। इसके बाद सुबह 8 बजे महफ़िल का आगाज़ होगा। 9 बजकर 58 मिनट पर  रेहान-ए-मिल्लत व 10 बजकर 30 मिनट पर हज़रत जिलानी मियां के कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी। दिन में कार्यक्रम जारी रहेगें। इसी दिन रात 9 बजे देश भर के नामवर उलेमा की तक़रीर होगी। रात 1 बजकर 40 मिनट पर मुफ्ती-ए-आज़म हिन्द के कुल शरीफ की रस्म अदा होगी। 
     उर्स की व्यवस्था में हाजी जावेद खान,परवेज़ खान नूरी,औरंगजेब नूरी,शाहिद नूरी,अजमल नूरी,ताहिर अल्वी,सय्यद फैज़ान अली,ज़हीर अहमद,मंज़ूर खान, शान रज़ा, तारिक सईद,आलेनबी, इशरत नूरी,सय्यद फ़रहत, हाजी अब्बास नूरी,अब्दुल वाजिद खान,गौहर खान,अदनान खान,काशिफ खान,सुहैल रज़ा चिश्ती, सय्यद एजाज़,आसिफ रज़ा, सय्यद माजिद, ज़ोहिब रज़ा, यूनुस गद्दी,अनीस खान,सबलू अल्वी, फ़ैज़ी खान,काशिफ सुब्हानी,समीर रज़ा,साकिब रज़ा,अमन रज़ा, शाद रज़ा,इरशाद रज़ा, रईस रज़ा, अश्मीर रज़ा,अरबाज़ रज़ा, कामरान खान,ज़ीशान कुरैशी, मुजाहिद बेग,खलील क़ादरी,सुहैल रज़ा,जुनैद मिर्ज़ा,आसिफ नूरी,हाजी शारिक नूरी,आरिफ नूरी,शारिक बरकाती,सय्यद मुदस्सिर अली,अनीस खान,माजिद खान,तहसीन रज़ा आदि ने सम्भाली।

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Author: cradmin

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