
गोरखपुर। कोरोना ने लोगो के बीच इतने फासले बना दिए है कि मौत होने पर चार कंधे भी बड़े मुश्किल से नसीब हो रहे है | लेकिन कुछ ऐसे भी बदनसीब है जिन्हे कंधा भी नसीब नहीं हो रहा है | ऐसा ही एक मामला गोरखपुर में भी देखने को मिला है | जहां एक दामाद अपने ससुर का अंतिम संस्कार कराने के लिए शव ठेले पर लेकर पहुंचा | मंगलवार को सुसर की मौत के बाद मृतक का दामाद ठेले पर शव लेकर शमशान भूमि पर पहुंचा था । दामाद ने बताया कि गांव का कोई व्यक्ति सहयोग करने नहीं आया तो ठेले पर उनका शव लेकर आया है।

दामाद ने ही ससुर का अन्तिम संस्कार की सभी जिम्मेदारी निभाई । जानकारी के मुताबिक मऊ जनपद के बनकटा बहरामपुर गांव निवासी 100 वर्षीय भागवत गुप्ता बड़हलगंज ब्लाक के भैसवली गांव में अपनी बेटी के यहां रहते थे। भागवत का कोई पुत्र नहीं था । वह काफी दिनों से भैसवली में अपने दामाद पारसनाथ गुप्ता के यहां ही रहते थे। तीन चार दिन पूर्व उन्हें खांसी व बुखार की शिकायत हुई। जिस पर उन्हें एक प्राइवेट अस्पताल में दिखाया गया। जहां चिकित्सक ने दवा देकर घर भेज दिया। दवा खाने के बाद वह ठीक थे।मंगलवार की दोपहर खाना खाने के बाद बैठे थे कि अचानक उनकी मौत हो गई।परिजनों ने बताया कि उनका कोविड टेस्ट नहीं हुआ था। मौत की सूचना पर गांव के लोग डर गए हैं। जिससे कोई भी उनके अन्तिम संस्कार में आने को तैयार नहीं हुआ। मज़बूरी में मृतक का दामाद चार कंधे नहीं मिलने की स्थिति में खुद ही ठेले पर अपने ससुर का शव ठेले पर शमशान भूमि तक ले आया |




