बरेली।
जानकारी के अनुसार, रुहेलखंड विश्वविद्यालय टीचर्स एसोसिएशन की ओर से कुलपति केपी सिंह के लिए विदाई समारोह आयोजित किया गया था। कार्यक्रम चल रहा था, इसी दौरान एबीवीपी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता वहां पहुंच गए। उन्होंने विश्वविद्यालय में हुई भर्तियों में कथित गड़बड़ी, परिसर में पेड़ों की कटाई समेत अन्य मामलों को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
देखते ही देखते सवाल-जवाब को लेकर बहस बढ़ गई और दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। काफी देर तक परिसर में हंगामा होता रहा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए चीफ प्रॉक्टर, सुरक्षा प्रभारी और विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने हस्तक्षेप किया और प्रदर्शनकारियों को शांत कराने का प्रयास किया।
हंगामे के बीच कुलपति केपी सिंह को सुरक्षा घेरे में सभागार से बाहर निकाला जाने लगा। बताया गया कि इसी दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने प्लेसमेंट सेल का दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद कुलपति जब अपनी कार तक पहुंचे तो कार्यकर्ताओं ने कार का दरवाजा बंद कर उन्हें बाहर घेर लिया। इससे मौके पर तनाव और बढ़ गया।
एबीवीपी कार्यकर्ताओं का कहना था कि विश्वविद्यालय में पिछले कार्यकाल के दौरान सामने आए विभिन्न मामलों पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। कार्यकर्ता विशेष रूप से दर्ज एफआईआर वापस लेने और कथित अनियमितताओं पर स्पष्ट जवाब की मांग कर रहे थे।
घटना के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। शिक्षकों और सुरक्षा कर्मियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया।



