बीडीए ने 100 करोड़ की एफडी बनवाकर बनाया रिकॉर्ड , शहर के विकास को भी दी नई रफ्तार

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बरेली |  बीडीए ने अपने इतिहास  में पहली बार 100 करोड़ रूपए की एफडी बनवाई है साथ अपने पुराने कर्जो को भी निपटाया है | इस सम्बन्ध में बीडीए ने एक प्रेस रिलीज जारी करके अपनी उपलब्धि को भी बताया है | बीडीए ने बताया है कि योजनाओं के लिए  भूमि अर्जन हेतु प्राधिकरण द्वारा बैंकों से ऋण प्राप्त किया गया था, जिसकी अदायगी रू0-42.26 करोड़ अवशेष थे।  योजना में विकास कार्य आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण लगभग बन्द थे। उपाध्यक्ष जोगेंद्र सिंह ने सर्वप्रथम शहर में हो रहे अनगिनत अनाधिकृत निर्माणों ,  खासतौर पर अवैध कालोनियों की रोकथाम के लिए प्रयास किये जा रहे है तथा बड़े-बड़े अवैध निर्माणों एवं अनाधिकृत कालोनियों को चिन्हित कर सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्यवाही करायी गयी, जिस कारण अधिकतर अनाधिकृत निर्माणकर्ताओं द्वारा शमन शुल्क प्राधिकरण कोष में जमा कराया जा रहा है एवं  मानचित्र स्वीकृत कराये जा रहे हैं, जिससे प्राधिकरण की आय में अप्रत्यासित वृद्वि हुई है।

बीडीए  उपाध्यक्ष  जोगेंद्र सिंह ने  रामगंगा नगर आवासीय योजना के विकास पर ध्यान केन्द्रित कर विकास कार्यो में गति प्रदान करने के लिए भौतिक कब्जा प्राप्त करने की कार्यवाही की गयी तथा योजना से अतिक्रमणों को हटवाया गया। प्राधिकरण को प्राप्त आय से सर्वप्रथम अवशेष ऋण की समय पूर्व पूर्ण अदायगी की गयी जिस कारण प्राधिकरण को0 2.50 करोड़ का लाभ हुआ है। साथ ही साथ योजना के आवंटियों एवं जनसामान्य को सुविधा के दृष्टिगत सर्वप्रथम डोहरा रोड से बीसलपुर रोड को मिलाने वाली 45.00 मीटर रोड का कार्य व्यवधान का निस्तारण करते हुए तीव्र गति से कराया गया तथा जो विकास कार्य अपूर्ण एवं बन्द थे उनको भी प्रारम्भ करा दिया गया। 

योजना के मुख्य सम्पर्क मार्ग डोहरा मार्ग एवं एक्जीक्यूटिव क्लव रोड को डिवाइडर सहित फोर लेन बनाने का निर्णय लेते हुए निर्माण कराया जा रहा है। योजना में आवंटियों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए गेट बन्द गंगा इन्कलेव, नर्मदा इन्कलेव, कावेरी इन्कलेव एवं अलकनन्दा इन्कलेव में आवासीय भूखण्डों हेतु जनसामान्य द्वारा अति उत्साह के साथ पंजीकरण कराये गये एवं सभी प्रस्तावित भूखण्ड आवंटित कर दिये गये। 

योजना में प्रस्तावित व्यवसयिक भूखण्डों को नीलाम करने पर बेस प्राइस से काफी अधिक दरों पर नीलामी कर भूखण्ड आवंटित किये गये जिससे प्राधिकरण को अपेक्षा से अधिक आय प्राप्त हुई।
शहर के विकास को ध्यान में रखते हुए आर्थिक स्थिति के कारण रूके हुए झूले लाल द्वार से स्वयंवर बारात घर तक जाने वाले मार्ग एवं धर्मकाटा चैराहा से मूर्ति नर्सिग होम तक मैकेनियर रोड के कार्य तीव्र गति से कराये जा रहे हैं। रामजानकी मन्दिर से स्वयंवर बारात घर तक सड़क चौड़ीकरण  तथा डेलापीर तिराहे से पुलिस चौकी तिराहे तकसिक्स लेन सड़क का कार्य कराया जाना भी प्रस्तावित है।
वर्तमान में योजना में सभी सेक्टरों में विकास कार्य तीव्र गति से कराये जा रहे हैं जिस वजह से  प्राधिकरण की आय में दिन प्रतिदिन वृद्वि हो रही है एवं प्राधिकरण स्ववित्त पोषित हो गया है, जिसके फलस्वरूप प्राधिकरण के इतिहास में प्रथम बार 100 करोड़ की एफ0डी0आर0 बनवाई गयी है।
 

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Author: cradmin

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