
ज्योतिषाचार्य मुकेश मिश्रा
श्रावण मास में मनाए जाने वाले महत्वपूर्ण त्योहारों में नाग पंचमी भी शामिल है एक त्योहार जो भगवान शिव और नाग देवता दोनों का सम्मान करता है सनातन संस्कृति में नाग को पूजनीय माना गया है नाग अनंत काल से ही हमारी पृथ्वी का अभिन्न हिस्सा रहे हैं वेदों तक में नागों के कई वर्णन सुनने को मिलते हैं|
नाग पंचमी पर करीब 108 साल बाद बन रहा है विशेष संयोग
इस साल नाग पंचमी 13 अगस्त दिन शुक्रवार को पड़ रही है। ज्योतिष गणना के अनुसार इस बार नाग पंचमी पर उत्तरा योग और हस्त नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है साथ ही काल सर्प दोष से मुक्ति के लिए विशिष्ट फलदायी शिन नक्षत्र भी लग रहा है। मान्यता है कि इस नक्षत्र में काल सर्प दोष मुक्ति की पूजा करना सबसे अधिक प्रभावशाली रहता है
हमारे धर्म ग्रंथों में 12 प्रकार के नागों का वर्णन किया गया है – अनंत, वासुकि, शेष, पद्मनाभ, कंबल, कर्कोटक, अश्वतर, शंखपाल, धृतराष्ट्र, तक्षक, कालिय और पिंगल का उल्लेख किया गया है
नागों का ज्योतिष से गहरा संबंध है. इसके पीछे वजह केवल काल सर्प दोष नहीं है, बल्कि हर ग्रह का संबंध एक-एक नाग देव से है, जिनकी पूजा करने से व्यक्ति को बहुत लाभ होता है
= नागों का कुंडली में काल सर्प दोष के साथ साथ ग्रहो से भी सम्बन्ध है |
= कुंडली में सभी 9 ग्रहों के लिए एक-एक प्रतिनिधि नाग देव बताए गए हैं. जैसे- सूर्य का अनंत नाग, चंद्रमा का वासुकि, भौम का तक्षक, बुध का कर्कोटक, वृहस्पति का पद्म, शुक्र का महापद्म और शनि का कुलिक व शंखपाल |
जब समस्त ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं तब काल सर्प दोष का निर्माण होता है इसके प्रभाव से व्यक्ति को जीवन के हर क्षेत्र में सफलता के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ता है
== ज्योतिष शास्त्री बताते हैं कि काल सर्प दोष कुल 12 तरह का होता है
अनंत काल सर्प योग- कुलिक काल सर्प योग–शंखचूड़ काल सर्प योग–वासुकी काल सर्प योग–शंखपाल काल सर्प योग–पद्म काल सर्प योग–महापदम काल सर्प योग–विषधर काल सर्प योग–तक्षक कालसर्प योग–कर्कोटक कालसर्प योग-शंखनाद कालसर्प योग–शेषनाग कालसर्प योग
== नागपंचमी के दिन कालसर्प दोष के प्रभाव को काम करने के चमत्कारी उपाय
काल सर्प दोष: नागपंचमी और ज्योतिष उपाय
== चांदी के नाग नागिन का जोड़ा बनवाएं और एक स्वास्तिक बनवाएं. फिर इन चांदी के नागों को एक थाली में रख दें और स्वास्तिक को दूसरी थाली में रखें. इनकी पूजा करें. चांदी के नागों को कच्चा दूध चढ़ाएं. स्वास्तिक पर बेलपत्र चढ़ाएं. इसके बाद
=नाग गायत्री मंत्र=
= ‘ओम नागकुलाय विद्महे विषदन्ताय धीमहि तन्नो सर्पः प्रचोदयात्’ = का कम से कम 108 बार जाप करें. इसके बाद चांदी के सांपों को किसी मंदिर में जाकर शिवलिंग पर अर्पित कर दें और स्वास्तिक को अपने गले में धारण कर लें. नाग पंचमी के दिन ये उपाय कई समस्याओ / अनिष्ट के निराकरण के लिए उपयोगी है
2 == नाग पंचमी के शुभ अवसर पर आप अपने जीवन में किसी भी एक मंत्र को आजीवन भर के लिए धारण कर लें।
‘नागेन्द्र हाराय ॐ नम: शिवाय’
‘ॐ नागदेवतायै नम:’
या नाग पंचमी मंत्र
‘ॐ नागकुलाय विद्महे विषदन्ताय धीमहि तन्नौ सर्प प्रचोद्यात्.’
3 = देश के विभ्भिन क्षेत्रों में आज के दिवस दीवारों पर सात नागों के चित्र बना के उनका पूजन किया जाता है एक रस्सी में 7 गाठें लगाकर सर्प की आकृति बनाई जाती है और विधिवत् निम्न मंत्र से पूजन किया जाता है
! अनन्तम्ं वासुकि, शेषम, पदनाभम्, चकभ्बलम्,कींटकम, तक्षक्म् !!
4 = कालसर्पदोष से जुड़ा है संतान सुख
ज्योतिष शास्त्र में संतान सुख का विश्लेषण जातक की जन्म कुंडली में पंचम भाव, पंचमेश व गुरु की स्थिति का आकलन कर किया जाता है संतान सुख से जुड़ा एक महत्वपूर्ण योग कालसर्प योग भी है जिसकी संतानसुख से वंचित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका है
यदि किसी स्त्री की कुंडली में काल सर्प दोष है तो उसे नागपंचमी के दिन वट वृक्ष की 108 प्रदक्षिणा करनी चाहिए
== कुंडली में कालसर्प दोष हो, राहु-केतु की वजह से यदि जीवन में कोई कठिनाई आ रही है तो नागपंचमी के दिन कालसर्प योग की शांति पूजा तथा यज्ञ-अनुष्ठान आदि करना चाहिए। काल सर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए विशेष तौर पर लाभप्रद है….
= नाग पंचमी का शुभ मुहूर्त =
पंचमी तिथि प्रारंभ 12 अगस्त 2021 को दोपहर 3 बजकर 24 मिनट पर
पंचमी तिथि समाप्त 13 अगस्त 2021 को दोपहर 1 बजकर 42 मिनट तक
नाग पंचमी की पूजा का शुभ मुहूर्त 13 अगस्त 2021 सुबह 5 बजकर 49 मिनट से सुबह 8 बजकर 27 मिनट तक रहेगा !!




