बरेली।
जानकारी के अनुसार शनिवार शाम करीब छह बजे नत्थो देवी अपने घर के बाहर चारपाई पर नातिन दीपांजलि और 10 वर्षीय पोते संदेश के साथ बैठी थीं। इसी दौरान संदेश पेंसिल लेने के लिए घर के अंदर चला गया। उसके कुछ ही पल बाद जर्जर छज्जा भरभराकर नीचे गिर पड़ा, जिससे दादी और नातिन मलबे में दब गईं।
ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को मलबे से बाहर निकाला और इलाज के लिए अस्पताल लेकर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही दोनों ने दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।
परिजन जगदीश प्रसाद ने बताया कि परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। नौ बीघा खेती और मजदूरी के सहारे परिवार का गुजारा होता है। आर्थिक तंगी के कारण जर्जर मकान की मरम्मत नहीं कराई जा सकी। ग्राम पंचायत सचिव अंजलि ने बताया कि नत्थो देवी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन किया था, लेकिन उनका आवास स्वीकृत नहीं हो सका।
शाही थाना प्रभारी ने बताया कि शनिवार देर शाम जर्जर मकान का छज्जा गिरने से दादी और नातिन की मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।




