
गोपाल गिरी
उत्तर प्रदेश में कोरोना का संक्रमण तेज होता जा रहा है | यह वजह है सूबे के कुछ जिले छोड़कर कोरोना से मरने वालों की खबरें आ रही है | एक तरफ लोग सरकार की तरफ देख रहे है तो वही भगवान से दुआ मांग रहे है कि देश की अवाम को कोरोना मुक्ति मिले | लेकिन इसके वाबजूद कोरोना व्यापक हो रहा है | शमशान घाट में लाशों की ढेर लगने लगा और चिता को जलाने के लिए लाइन लगाकर इंतजार करना पड़ रहा है | लोग कोरोना से खौफ खाने लगे है | किसी साधारण बीमारी से हो रही मौत पर लोग अंतिम यात्रा में शामिल होने से परेहज कर रहे है | यूपी के लखीमपुर मे कोरोना लहर के बीच एक ही परिवार में सगे तीन भाइयो की संदिग्ध मौत हुई हो गयी इन मौतों से परिवार में हुई मौतों से परिवार बुरी तरह टूट गया है | खास बात यह भी रही कोरोना से हुई मौतों के चलते इस परिवार से अपनों और पड़ोसियों ने दूरी बना ली | जानकारी के मुताबिक लखीमपुरखीरी के संतोषनगर में तीन टिंबर व्यापारी भाइयों की कुछ ही घंटो के अंतर में मौत हो गई। मौत हालाँकि इनकी मौत कोरोना से हुई ऐसी कोई प्रशासनिकपुष्टि नही है | मौतों के मामले में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने भाइयों का इलाज करने वाले अस्पताल पर प्रशासन ने कार्रवाई की है। अस्पताल को शनिवार को सीज किया गया है । मोहल्ला संतोषनगर में रहने वाले सुशील अग्रवाल, अनिल अग्रवाल , अतुल अग्रवाल टिंबर का काम करते थे। तीनों भाई एक ही घर में संयुक्त परिवार के तौर पर रहते थे । स्थानीय लोगो के मुताबिक कि सुशील और अनिल की तीन दिन से तबीयत खराब थी। दोनों में बुखार, जकड़न जैसी दिक्कत थी। दोनों का एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। वही सबसे छोटे भाई अतुल की हालत भी खराब थी। लेकिन अतुल घर में ही था। अचानक अतुल की तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। मोहल्ले के लोगों ने अतुल का अंतिम संस्कार कराया और लौट आए। कुछ घंटों बाद भी सुशील और अनिल की भी मौत हो गई। तीन भाइयों की मौत से क्षेत्र में सनसनी मच गया। बताया यह भी जा रहा है कि तीनों की कोरोना जांच भी नहीं हुई थी। इन मौतों की सूचना की खबर होते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम उस अस्पताल में पहुंच गई, जहां मृतकों का इलाज चला था। सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल ने बताया कि मरने वालों को कोरोना नहीं था। अस्पताल का पंजीकरण भी नहीं था | अस्पताल ने प्रशासन को मरीजों के बारे में सूचना नहीं दी। इसलिए सीज की कार्रवाई की गई है ।




