
हिंदू धर्म में नाग पंचमी के त्योहार का विशेष महत्व रखता है। इस दिन नाग देवता व सर्पों का पूजन किया जाता है।हिंदी पंचांग के अनुसार, नागपंचमी का पर्व हर साल सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को होता है। नाग पंचमी का त्योहार 13 अगस्त को पड़ रहा है।धार्मिक मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन भगवान श्री कृष्ण ने कालिया नाग का मान मर्दन किया और उसे यमुना नदी छोड़ कर समुद्र में जाने पर मजबूर कर दिया। इसी के शुभ अवसर पर नाग पंचमी का त्योहार मनाने की परंपरा शुरू हुई।
नाग पंचमी पर विशेष संयोग
ज्योतिष गणना के अनुसार, 13 अगस्त को पड़ने वाली नाग पंचमी के पावन पर्व पर इस बार उत्तरा योग और हस्त नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है। साथ ही चित्रा नक्षत्र भी लग रहा है। यह चित्रा नक्षत्र काल नाग देवता का आशीर्वाद और सर्प दोष से मुक्ति के लिए विशिष्ट फलदायी होता है। पूजा सबसे अधिक प्रभावशाली होती है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार नाग पंचमी पर ऐसा संयोग करीब 108 साल बाद बन रहा है। इस लिए इस बार की नाग पंचमी पर नाग देव की पूजा विशेष रूप से फलदायी होगी।




