
बरेली। सुन्नी बरेलवी मसलक दरगाह आला हज़रत से जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान हसन खां ने बरेली समेत मुल्क भर के मुसलमानों से अपील कि ईद से पहले ज़कात और फितरा निकाल कर ज़रुरतमंदो तक पहुंचाएं मुसलमान। कोरोना महामारी की दूसरी लहर चल रही है। मुल्क के हालात चिंताजनक बने हुए। ऑक्सीजन और दवाओं की कमी के मारे हज़ारो लोग अपनी जान गवा चुके है। और कितने लोग मौत जिंदीगी से लड़ रहें है। हुकूमत-ए-हिन्द ने पुरे मुल्क में लॉकडाउन और नाइट कर्फ्यू लगा रखा है। जिसे दिहाड़ी मज़दूरों के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी मुश्किलात पैदा खड़ी कर दी है, दिहाड़ी मज़दूर तो काम न होने के सबब पहले ही से परेशान है, अब आम आदमी भी अपने छोटे-छोटे कारोबार मूसलसल ठप रहने की वजह से मुश्किलात का शिकार है, इनमें कई लोग ऐसे भी हैं जो शर्म व हया की वजह से अपनी परेशानियाँ किसी और को बता नहीं सकते, ऐसे में समाजी तन्ज़ीमो के साथ-साथ सरमाया दारों को भी सामने आ कर गरीब, मजलूम, यतीमो और बेवाओं की ईद से पहले जकात और फितरा से जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए और अपने पडोसी व रिश्तेदारो का भी खास ख्याल रखें। जमात रज़ा के प्रवक्ता समरान खान ने बताया जरूरतमंदो की मदद चाहें तो नकद राशि दें या खाने पीने की चीज़ें भी दे सकते हैं लेकिन एक बात सख़्ती से याद रखें जाए कि जरूरतमंदों की मदद के वक़्त रियाकारी या फ़ोटो, वीडियो बाजी करके ज़रूरतमंदों और ग़रीबों का मज़ाक न उड़ायें, लॉकडाउन की वजह से न कोई कहीं जा सकता है न कोई कहीं से आ सकता है। ऐसे में अल्लाह तबारक व ताला ने जिनको नवाजा है, उनको चाहिए कि राहत कार्यों के तहत अपने आस-पास के जरूरतमंदों को ख़ुद ही इमदाद पहुंचाएं। और माह-ए-रमज़ान के मुबराक महीने में कोई भी इन्सान भूखा या परेशान न रहें ।




