
मोहम्मद आदिल
बरेली। ईद-उल-अज़हा की नमाज़ बारिश की फुहारों के बीच बाकर गंज स्थित ईदगाह, किला की जामा मस्जिद व दरगाह आला हज़रत* समेत शहर भर की सभी दरगाहों, खानकाहो और मस्जिदों में पुर अमन माहौल में कोविड 19 की गाइड लाइन के अनुसार अदा की गई। ईदगाह में मुफ्ती अफ़ज़ाल रज़वी, जामा मस्जिद में मुफ़्ती खुर्शीद आलम व दरगाह की रज़ा मस्जिद में कारी रिज़वान रज़ा ने नमाज़ अदा कराने से पहले ईद-उल-अज़हा की फज़ीलत और हज़रत इब्राहीम व हज़रत इस्माईल अल्हेअस्सलाम की कुर्बानी से सम्बंधित वाक़या बयान किया। कहा कि अल्लाह की रज़ा व ख़ुशनूदी हासिल करने के लिए जो मुसलमान साहिबे निसाब है वो अल्लाह की राह में कुर्बानी करे।

नमाज़ के बाद ख़ुतबा पढ़कर देश दुनिया मे अमन व खुशहाली और कोरोना से निज़ात की ख़ुसूसी दुआ की। इसके अलावा दरगाह ताजुशशरिया, ख़ानक़ाह-ए-नियाज़िया, दरगाह शाह शराफत अली मियां, दरगाह शाहदाना वली, दरगाह वामीकिया निशातिया, दरगाह वली मियां, दरगाह बशीर मियां, दरगाह नासिर मियां, नूरानी मस्जिद, जहानी मस्जिद, आला हज़रत मस्जिद, बीबी जी मस्जिद, कचहरी मस्जिद, पीराशाह मस्जिद, हरी मस्जिद, सुनहरी मस्जिद, हबीबिया मस्जिद, मुफ्ती ए आज़म मस्जिद, मिर्जाई मस्जिद, 6 मीनार मस्जिद, कलंदर शाह मस्जिद समेत सभी छोटी बड़ी मस्जिदों में नमाज़ अदा की गई।

दरगाह आला हज़रत के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि शहर में सबसे आखिर में दरगाह स्थित रज़ा मस्जिद में नमाज़ अदा की गई। यहाँ *दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना सुब्हान रज़ा खान (सुब्हानी मियां) सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रज़ा क़ादरी (अहसन मियां)*, खानदान के सभी बुजुर्ग हस्तियों ने नमाज़ अदा कर सभी की ईद उल अज़हा की मुबारकबाद पेश की।
सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने इस मौके पर कहा कि कुर्बानी हमे ये दर्स (शिक्षा) देती है कि अल्लाह की राह में अगर ज़रूरत पड़े तो हम अपनी कीमती से कीमती चीज़ कुर्बान करने में पीछे न हटे। इस मौके पर मुफ्ती सलीम नूरी, हाजी जावेद खान, शाहिद नूरी, मंज़ूर खान, परवेज़ नूरी अजमल नूरी आदि ने भी सबको ईद की मुबारकबाद पेश की। नमाज़ के बाद जानवरों की कुर्बानी का सिलसिला शुरू हुआ जो तीन दिन तक चलेगा।




