द्वारिकेश चीनी मिल परिक्षेत्र के किसानों को महत्वपूर्ण जानकारी देने गन्ना रोग विशेषज्ञ पहुंचे,

Picture of newsvoxindia

newsvoxindia

FOLLOW US:

SHARE:

 

फरीदपुर । किसानों को चोटी भेदक कीट की पहचान एवं उससे होने वाले नुकसान से बचने का गन्ना विशेषज्ञों ने  उपाय बताया। इस मौके पर विशेषज्ञों  ने  कहा कि रेड रॉट के बचाव के लिए रोग ग्रसित पौधों को जड़ से उखाड़कर नष्ट कर दें तथा उखाड़े गए गड्ढों में 10-20 ग्राम ब्लीचिंग पाउडर डालने के उपरांत हेक्सास्टॉप का स्प्रे करें। साथ ही फसल चक्र अपनाएं। बीज बदलाव करें। ऐसा बीज चुने जो रेड रॉट से प्रभावित न हो। हर 2 साल में गन्ने की पेड़ी बदल दें।

 

शुगर उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय आर भूसरेड्डी ने रेड रॉट एवं चोटी भेदक कीटों के नियंत्रण व प्रसार को रोकने के लिए जिला गन्ना अधिकारी बरेली की अध्यक्षता में पादप रोग वैज्ञानिक चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक (गन्ना) संबंधित ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक की टीम का गठन किया गया। इसी क्रम में द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज लिमिटेड द्वारिकेश धाम फरीदपुर परिक्षेत्र में कीट एवं बीमारियों की रोकथाम के लिए उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद शाहजहांपुर के पादप रोग वैज्ञानिक डॉ एस पी सिंह एवं उनके साथ पवन कुमार तथा गन्ना समिति फरीदपुर के सचिव मणिकांत कुमार सर्वे के लिए चीनी मिल पहुंचे।

 

 

द्वारिकेश चीनी मिल के इकाई प्रमुख आरके गुप्ता वरिष्ठ अधिशाषी उपाध्यक्ष कार्य द्वारा मुख्य प्रबंधक गन्ना उपेंद्र उपाध्याय के नेतृत्व में चीनी मिल के गन्ना विभाग के अधिकारियों की टीम गठित की गई। टीम ने संयुक्त रूप से कीट रोग के सर्वेक्षण के लिए चीनी मिल गेट एवं क्रय केंद्रों के ग्राम जादोपुर गुलनगला, हरेली, शिवपुरी, रमपुरिया, मैनी, गुलाब नगर, रजनापुर, नवादा बिलसंडी, सिमरा बोरीपुर, हरदुआ, लश्करीगंज एवं जटौआ का भ्रमण किया।मुख्य गन्ना प्रबंधक उपेंद्र उपाध्याय ने भी किसानों को गन्ने के खेत में कीट व बीमारी से प्रभावित गन्ने में रोग एवं कीट की पहचान तथा उसके प्रभावी नियंत्रण के आवश्यक सुझाव दिए।

 

इस दौरान किसानों को रोग एवं कीट प्रभावित फसल की पहचान एवं इससे बचाव के उपाय भी बताए। सर्वेक्षण के दौरान चीनी मिल के जोनल मैनेजर हर्षवर्धन, विनोद कुमार, प्रवीण सिंह मौजूद रहे।

newsvoxindia
Author: newsvoxindia

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ी गई न्यूज