इटावा : सपा-भाजपा के कार्यकर्त्ता आपस में भिड़े , पुलिस ने मोर्चा लेकर संभाली स्थिति 

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सौरभ दुबे 

इटावा |

गुरूवार को जिला सत्र न्यायालय के गेट के बाहर अचानक से सपा और भाजपा के कार्यकर्ता एकत्रित हो गए और हंगामा करने लगे वहां पर मामला इतना बढ़ गया की आपस में कार्यकर्ता भिड़ गए हाथापाई हुई और मारपीट भी हुई पुलिस ने आनन-फानन में अतिरिक्त बल बुलाकर जिला सत्र न्यायालय गेट के बाहर छावनी में तब्दील कर दिया। इटावा जनपद में जिला पंचायत अध्यक्ष सीट समाजवादी पार्टी के खाते में जाने के बाद से भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता जनपद में ब्लॉक प्रमुख बनाने के लिए रणनीति बनाने लगे हैं। जुलाई  अंत तक ब्लाक प्रमुख का चुनाव होना संभावित है।

इटावा जनपद में 8 ब्लॉक प्रमुख चुने जाने हैं जिनमें से एक ब्लॉक बढ़पुरा के नाम से है वहां पर 74 क्षेत्र पंचायत सदस्य चुने गए हैं इसी ब्लॉक में सपा भाजपा आमने सामने है। यहां पर एक क्षेत्र पंचायत सदस्य रामकरन पुत्र अवध नारायन जो की समाजवादी प्रत्याशी के समर्थन में है लेकिन उसके परिजनों ने सपा ब्लॉक प्रमुख के ऊपर अपहरण का आरोप लगाया था जिसको लेकर क्षेत्र पंचायत सदस्य “रामकरन” जिला सत्र न्यायालय में वकील के माध्यम अपना बयान दर्ज कराने आया था तैयार जिसको लेकर सपा और भाजपा के कार्यकर्ता उसको लेने के लिए न्यायालय के बाहर खड़े हो गए मामला गरम होते देख एक दूसरे के ऊपर आरोप लगाने लगे और हंगामा इतना बढ़ गया की मारपीट भी होने लगी। पुलिस ने आनन-फानन में अतिरिक्त बल बुलाकर क्षेत्र छावनी में तब्दील कर दिया उसके बाद सपा और भाजपा के वरिष्ठ नेता एकत्रित हुए मामले को शांत करवाया।पुलिस ने अपनी अभिरक्षा में गुपचुप तरीके से उस “सदस्य रामकरन” को बाहर निकाला और परिजनों के साथ भेज दिया।

इटावा : सपा-भाजपा के कार्यकर्त्ता आपस में भिड़े , पुलिस ने मोर्चा लेकर संभाली स्थिति 

भारतीय जनता पार्टी की सदर विधायक सरिता भदौरिया ने सपा नेताओं  पर  का आरोप लगाते हुए कहा की उस व्यक्ति को कोर्ट ने जो भी निर्णय दिया हो उसके हिसाब से स्वतंत्र होकर जाने दिया जाए लेकिन सपा वाले अपने साथ उसको ले जा रहे हैं ऐसा नहीं होना चाहिए।वहीं दूसरी ओर निर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष अखिलेश यादव के चचेरे छोटे भाई अंशुल यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा वाले अपनी दबंगई से डरा धमका कर उसको अपने पक्ष में करना चाहते हैं जो कि न्याय संगत नहीं है और यहां पर पुलिस प्रशासन के सहयोग से दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

अपर पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने बताया कि हर व्यक्ति को स्वतंत्रता का अधिकार है उसको यहां से सुरक्षित निकालना की जिम्मेदारी हमारी है इसलिए उसको उसके परिजनों के साथ जाने दिया गया है और कानून व्यवस्था  नहीं बिगड़ने दिया जाएगा यदि कोई लड़ाई झगड़ा मारपीट हुई है तो निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी।

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Author: cradmin

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