बरेली/नई दिल्ली।राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक नई दिल्ली स्थित वाणिज्य भवन में राष्ट्रीय चेयरमैन सुनील सिंघी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में देशभर के विभिन्न राज्यों से आए सदस्यों ने हिस्सा लिया और व्यापार से जुड़ी समस्याओं व सुझावों पर विस्तार से चर्चा की।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बरेली से मनोनीत सदस्य राजेंद्र गुप्ता और उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय संयुक्त महामंत्री राजेश जसोरिया ने विशिष्ट आमंत्रित अतिथि के रूप में बैठक में भाग लिया। इस दौरान राजेंद्र गुप्ता ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के व्यापारियों की कई प्रमुख समस्याओं को मजबूती से उठाया।
उन्होंने वाणिज्यिक वाहनों के लिए 10 किलोमीटर तक टोल पास सुविधा लागू करने की मांग रखते हुए कहा कि छोटे और मध्यम उद्योगों को दिन में कई बार माल ढुलाई करनी पड़ती है, जिससे हर बार टोल शुल्क देने के कारण उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। पास व्यवस्था लागू होने से इन इकाइयों को राहत मिलेगी और व्यापार में गति आएगी।
इसके साथ ही उन्होंने जीएसटी संरचना में विसंगतियों की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि कुछ उत्पादों पर तैयार माल पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगता है, जबकि कच्चा माल 18 प्रतिशत कर पर खरीदा जाता है, जिससे लघु उद्योगों की कार्यशील पूंजी प्रभावित होती है।
राजेंद्र गुप्ता ने प्रत्येक जिले में एमएसएमई फैसिलिटेशन सेंटर स्थापित करने की मांग भी रखी, ताकि छोटे उद्यमियों को बेहतर मार्गदर्शन और सुविधाएं मिल सकें।
बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंघी ने भारत सरकार की ओएनडीसी (ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स) योजना की जानकारी देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य छोटे व्यापारियों को ऑनलाइन बाजार में सशक्त बनाना है और उन्हें बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के मुकाबले प्रतिस्पर्धी बनाना है।
उन्होंने सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार व्यापारियों को अधिकतम सुविधाएं देकर उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक में विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी, जीएसटी विभाग के शीर्ष प्रतिनिधि और नीति आयोग के अधिकारी भी उपस्थित रहे।



