बरेली। केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की महानगर इकाई ने व्यापारिक हितों से जुड़ी अहम मांगों को लेकर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। संगठन की ओर से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम एक ज्ञापन बरेली प्रशासन को सौंपा गया, जिसमें व्यापारियों पर पड़ रहे आर्थिक दबाव को कम करने की मांग की गई।
ज्ञापन में व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने स्पष्ट किया कि जीएसटी भुगतान में देरी होने पर लगने वाली मौजूदा 18 प्रतिशत ब्याज दर व्यापारियों के लिए बोझ बन चुकी है। संगठन ने इसे घटाकर 9 प्रतिशत करने की मांग की है, ताकि छोटे और मध्यम व्यापारियों को राहत मिल सके और व्यापार सुचारू रूप से चल सके।
इसके साथ ही जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों को मिलने वाली दुर्घटना बीमा सुरक्षा को भी अपर्याप्त बताते हुए इसे 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है। व्यापारियों का कहना है कि वर्तमान समय में बढ़ती महंगाई और व्यवसाय से जुड़े जोखिमों को देखते हुए बीमा राशि में बढ़ोतरी आवश्यक हो गई है।
व्यापार मंडल ने अपने ज्ञापन में केंद्रीय बजट 2026 को विकसित भारत 2047 की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताया और कहा कि यह बजट देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला है। साथ ही संगठन ने सरकार से अपेक्षा जताई कि व्यापारियों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र ठोस निर्णय लिए जाएंगे। ज्ञापन संगठन के महानगर अध्यक्ष एवं प्रदेश संयुक्त महामंत्री शोभित सक्सेना के नेतृत्व में सौंपा गया। इस दौरान व्यापार प्रतिनिधि मंडल के कई पदाधिकारी और व्यापारी मौजूद रहे।




