फतेहगंज पश्चिमी।
लालाराम ने बताया कि वह अकेले इसी जर्जर मकान में रहते हैं। उनकी तीन बेटियां हैं जिनकी शादी हो चुकी है। किसान का कहना है कि उन्होंने पहले भी आवास की समस्या को लेकर ग्राम सचिव और ग्राम प्रधान से गुहार लगाई थी, लेकिन अब तक कोई मदद नहीं मिली। अब मकान का बचा हिस्सा भी खंडहरनुमा हो चुका है और कभी भी गिर सकता है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लेखपाल प्रेम राज राजपूत मौके पर पहुंचे और नुकसान का आकलन किया। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट तैयार कर तहसील प्रशासन को भेजी जाएगी। वहीं, पीड़ित बुजुर्ग किसान ने जल्द से जल्द आवास और मुआवजे की मांग की है।

Author: newsvoxindia
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