बरेली। नगर निगम द्वारा स्वकर कर के फॉर्म समय पर जारी न किए जाने और करदाताओं को गलत बिल भेजे जाने के विरोध में सैकड़ों करदाता पार्षद राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में मंगलवार को महापौर डॉ. उमेश गौतम और नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य से मिले। करदाताओं ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर नाराज़गी जताई और ज्ञापन सौंपा।
राजेश अग्रवाल ने बताया कि जिन करदाताओं के बिल पिछले वर्ष संशोधित हो चुके थे, उन्हें इस वर्ष भी गलत धनराशि के बिल भेजे जा रहे हैं, जिससे करदाता फिर से निगम के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। इसके अतिरिक्त कई मामलों में बकाया धनराशि पर अलग-अलग दरों से ब्याज लगाया जा रहा है—कुछ पर एक प्रतिशत प्रतिमाह, तो कुछ पर दो प्रतिशत, जिससे भ्रम और असंतोष की स्थिति बन रही है।
कमर्शियल बिल्डिंग पर आवासीय कर का लाभ नहीं
पार्षद ने यह भी कहा कि पूर्व में यह निर्णय लिया गया था कि खाली पड़ी कमर्शियल बिल्डिंगों पर आवासीय कर लिया जाएगा, लेकिन इसका लाभ अब तक करदाताओं को नहीं मिल सका है। करदाता लाभ के लिए निगम के चक्कर काट रहे हैं।
महापौर ने दिया भरोसा
महापौर डॉ. उमेश गौतम ने आश्वासन दिया कि स्वकर कर के फॉर्म अगले दिन से जारी कर दिए जाएंगे। साथ ही उन्होंने मुख्य निर्धारण अधिकारी से वार्ता कर निर्देश दिए कि गलत बिलों और ब्याज दरों से संबंधित सभी शिकायतों का तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने कहा, “जनता को अनावश्यक रूप से निगम के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, सभी समस्याओं का शीघ्र निस्तारण किया जाएगा।”
ज्ञापन देने वालों में शामिल रहे:
राजेश अग्रवाल, अरुण शर्मा, सैयद गौहर अली, राज नारायण, राजेश भाटिया, इकबाल समसी, पंकज सक्सेना, जुबेर समसी, राजीव, मोहन, मोहम्मद इफ्तिखार, दीपक राठौड़, अंशु सक्सेना, श्याम यादव, जफर समसी, अवधेश शर्मा, मधु अग्रवाल, अरुण अग्निहोत्री, रवि शर्मा, पंकज यादव और प्रमोद अग्रवाल आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।




