बरेली। समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष इंजीनियर अनीस अहमद खां ने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि युवाओं की आवाज को बल प्रयोग और कानूनी धाराओं के जरिए दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई करना गंभीर चिंता का विषय है।
अनीस अहमद खां ने कहा कि युवा और छात्र किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। यदि उन्हें अपनी बात रखने और अधिकारों की मांग के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, तो यह केवल शिक्षा व्यवस्था का नहीं बल्कि देश के भविष्य का भी सवाल है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद और समाधान का रास्ता अपनाया जाना चाहिए, न कि टकराव का।
उन्होंने कहा जब शिक्षा सड़क पर हो और सत्ता खामोश, तब सवाल सिर्फ एक आंदोलन का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की प्राथमिकताओं का होता है।उनके अनुसार किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसके युवाओं के सपनों, शिक्षा और अवसरों में निहित होती है। इसलिए छात्रों की बात सुनना और उनकी समस्याओं का समाधान करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
सपा नेता ने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना और उनकी लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति का सम्मान करना जरूरी है। उन्होंने सरकार से छात्रों की मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करने और संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की।इस दौरान सुरेंद्र सोनकर समेत समाजवादी पार्टी के कई कार्यकर्ताओं ने भी छात्रों के समर्थन में अपनी बात रखी और घटना पर चिंता जताई।



