बरेली। श्री राम कथा के पांचवें दिन कथा पंडाल आध्यात्मिक ऊर्जा, भक्ति और ज्ञान के भाव से ओतप्रोत नजर आया। स्वामी डॉ. उमाकांतानंद सरस्वती महाराज के सुमधुर प्रवचनों ने श्रद्धालुओं को गहरे भावलोक में पहुंचा दिया। इस अवसर पर नारद मुनि की कथा, कैलाश पर्वत पर भगवान कार्तिकेय एवं श्री गणेश के अवतरण तथा तारकासुर के संहार जैसे प्रमुख प्रसंगों का विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया।

महाराज जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि ज्ञान, भक्ति और धैर्य—ये तीनों जीवन की आधारशिला हैं। इनके बिना मानव जीवन अधूरा है। नारद मुनि के जीवन प्रसंग के माध्यम से उन्होंने निष्काम भक्ति, सत्यनिष्ठा और वैराग्य का संदेश दिया। साथ ही मनु महाराज के वृद्धावस्था में वनगमन का उल्लेख करते हुए बताया कि जीवन के अंतिम चरण में ईश्वर की शरण में जाना ही सच्चा ज्ञान है।
कथा के दौरान भगवान कार्तिकेय द्वारा तारकासुर के वध का प्रसंग सुनकर श्रोता भावविभोर हो उठे। यह कथा अधर्म पर धर्म की विजय और बुराई के विनाश का प्रतीक बताई गई। स्वामी जी ने कहा कि ऐसे प्रसंग मानव को आत्मसंयम, सदाचार और भक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।यह आयोजन डिवाइन श्री राम इंटरनेशनल चेरिटेबल ट्रस्ट, हरिद्वार के तत्वावधान में किया जा रहा है। स्वामी डॉ. उमाकांतानंद सरस्वती महाराज शाश्वतम् फाउंडेशन के संस्थापक हैं और विगत कई वर्षों से रामायण, गीता, श्रीमद्भागवत, वेद-उपनिषद एवं भारतीय संस्कृति पर देश-विदेश में प्रवचन कर रहे हैं।
पांचवें दिन की कथा के यजमान प्रदीप सिंह चौहान रहे। आयोजन को पूजा सेवा संस्थान, बरेली, रोटरी क्लब ऑफ बरेली नॉर्थ, आर्ट एरेना तथा श्री हरि मंदिर प्रबंध समिति का सहयोग प्राप्त हो रहा है। श्री राम कथा का आयोजन 28 जनवरी से 03 फरवरी 2026 तक श्री हरि मंदिर, मॉडल टाउन, बरेली में प्रतिदिन किया जा रहा है।
कार्यक्रम के मुख्य संयोजकों में शाश्वतम् परिवार बरेली, पूजा सेवा संस्थान के चेयरमैन पी.पी. सिंह, संजय अग्रवाल एवं रविशरण सिंह चौहान शामिल हैं। कथा में रोटरी क्लब, इनर व्हील क्लब सहित अनेक गणमान्य नागरिकों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।




