धार्मिक स्थलों से कर वसूली की खबरों का नगर निगम ने किया खंडन, कर अधिकारी ने बताया भ्रामक

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बरेली। धार्मिक स्थलों से संपत्तिकर वसूली को लेकर मीडिया में आई खबरों का नगर निगम बरेली ने खंडन किया है। नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने स्पष्ट किया कि धार्मिक स्थलों पर किसी भी प्रकार की कर वसूली या कुर्की की कोई कार्रवाई नहीं की गई है और इस संबंध में प्रकाशित खबरें भ्रामक हैं।

नगर निगम प्रशासन के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 तक जिन भवन स्वामियों एवं अधिष्ठासियों पर संपत्तिकर बकाया है, उनके विरुद्ध नगर निगम अधिनियम 1959 के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। मांग नोटिस जारी होने के बावजूद जिन बकायेदारों ने कर का भुगतान नहीं किया, उन्हीं मामलों में बड़े बकायेदारों की सूची समाचार पत्रों में प्रकाशित कराई गई है।

मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने बताया कि जिन मामलों को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है, वे धार्मिक स्थलों से संबंधित नहीं हैं। कार्रवाई केवल धार्मिक परिसरों में स्थित दुकानों और व्यावसायिक भवनों पर की गई है, जो कर के दायरे में आते हैं। मंदिर, मस्जिद या अन्य पूजा स्थलों पर कोई कर आरोपित नहीं किया गया है।

नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया कि सूची में धार्मिक स्थलों के नाम केवल पहचान के लिए अंकित हैं, न कि उन स्थलों पर कर वसूली के उद्देश्य से। कर अधिकारी ने मीडिया और आम जनता से अपील की है कि वे भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें और केवल नगर निगम द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
साथ ही नगर निगम ने संपत्तिकर बकायेदारों से समय रहते कर जमा करने की अपील की है, ताकि नियमानुसार होने वाली कठोर कार्रवाई से बचा जा सके।

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Author: newsvoxindia

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