बरेली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गाय को लेकर दिए गए बयान के बाद ऑल इंडिया जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शाहबुद्दीन का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि यदि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर दिया जाए तो इससे वर्षों से चले आ रहे कई विवादों और सामाजिक तनाव के मुद्दों का समाधान निकल सकता है।

मौलाना शाहबुद्दीन ने कहा कि गाय का विषय देश में नया नहीं है। मुगलकाल से लेकर ब्रिटिशकाल और आज तक यह मुद्दा समय-समय पर चर्चा और बहस का केंद्र रहा है। ऐसे में यदि इसे लेकर कोई स्थायी व्यवस्था बनाई जाती है तो इससे समाज में बेहतर माहौल बनाने में मदद मिल सकती है।

उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उस बात का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने गाय को हिंदू समाज की माता बताते हुए मां और बेटे के रिश्ते को अटूट संबंध बताया था। मौलाना ने कहा कि हर समाज की अपनी धार्मिक मान्यताएं और आस्थाएं होती हैं, जिनका सम्मान किया जाना चाहिए। आपसी सम्मान और सद्भाव ही देश की ताकत है।
मौलाना शाहबुद्दीन ने कहा कि इस्लाम में भी गाय के प्रति सम्मान का भाव देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि गाय का दूध लाभकारी माना जाता है और समाज में शांति व भाईचारा बनाए रखना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि भारतीय मुसलमान हमेशा यह प्रयास करता है कि उसकी वजह से बहुसंख्यक समाज की भावनाओं को ठेस न पहुंचे।
दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में बिजनौर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन मौलानाओं और मुस्लिम धर्मगुरुओं की मांग पर प्रतिक्रिया दी थी, जो गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की वकालत कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा था कि गाय हिंदू समाज के लिए केवल एक पशु नहीं, बल्कि माता के समान है। माता और पुत्र के रिश्ते को किसी सरकारी घोषणा या प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि यह संबंध श्रद्धा, विश्वास और संस्कारों से जुड़ा होता है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि कुछ लोग लगातार गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन करोड़ों लोगों की आस्था में गाय का स्थान पहले से ही अत्यंत सम्मानजनक है। इसी बयान के बाद मौलाना शाहबुद्दीन की प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसमें उन्होंने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने का समर्थन करते हुए इसे कई सामाजिक और विवादित मुद्दों के समाधान की दिशा में एक कदम बताया है।



