बरेली में निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहा हाई वोल्टेज ड्रामा आखिरकार समाप्त हो गया। प्रशासन ने भारी पुलिस बल और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अलंकार अग्निहोत्री को बरेली से कानपुर रवाना कर दिया। इस दौरान मौके पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा और उनके समर्थक बीच-बीच में नारेबाजी करते नजर आए।

कानपुर भेजे जाने के दौरान समर्थकों ने यूजीसी से जुड़े फैसलों को वापस लेने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारे लगाए। नारेबाजी के चलते कुछ समय के लिए स्थिति असहज हो गई, हालांकि प्रशासन ने हालात पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए रखा। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पूरी तरह मुस्तैद रहे।

रवाना होने से पहले अलंकार अग्निहोत्री मीडिया की ओर इशारा करते हुए अपनी चिंता जाहिर करते दिखे। इससे पहले वह प्रशासन पर उन्हें घर में नजरबंद किए जाने का आरोप भी लगा चुके थे, जिसे लेकर मामला और अधिक तूल पकड़ गया था।

गौरतलब है कि अलंकार अग्निहोत्री अपने बयानों को लेकर लगातार चर्चा में रहे हैं। उन्होंने यूजीसी से जुड़े मुद्दे को उठाते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए थे और कहा था कि शिक्षा व्यवस्था के साथ अन्याय हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े कथित अपमान के मामले को भी गंभीर बताते हुए इसे सामाजिक और धार्मिक भावनाओं से जोड़कर सामने रखा था।
अलंकार अग्निहोत्री के इन बयानों के चलते बरेली में बीते दो दिनों से राजनीतिक और प्रशासनिक माहौल गर्माया हुआ था। समर्थकों की सक्रियता और बयानबाजी के कारण हालात लगातार तनावपूर्ण बने रहे। प्रशासन की ओर से उन्हें बरेली से बाहर भेजने का फैसला इसी तनाव को खत्म करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।
फिलहाल अलंकार अग्निहोत्री के कानपुर रवाना होने के बाद बरेली में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन उनके बयानों और समर्थकों की सक्रियता को देखते हुए यह साफ है कि यह मामला अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में यह विवाद किस मोड़ पर पहुंचेगा, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।


