बरेली। दूसरों के घरों को रोशन करने में अपनी जान जोखिम में डालने वाले तथाकथित संविदाकर्मी विपिन की जिंदगी एक दर्दनाक हादसे के बाद पूरी तरह बदल गई। 16 मई 2026 को 11 हजार वोल्ट के विद्युत पोल पर काम करते समय वह करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया, जिसमें उसने अपने दोनों हाथ खो दिए। मामले ने अब प्रशासन का ध्यान खींचा है, जिसके बाद जिलाधिकारी ने पीड़ित परिवार को सहारा देने का आश्वासन दिया है। हालांकि प्रशासन ने विपिन के संविदाकर्मी नहीं होने की पुष्टि की है।

जानकारी के अनुसार, विपिन विद्युत पोल पर लाइट ठीक करने के लिए चढ़ा था। बताया गया कि उस समय शटडाउन की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी, लेकिन इसके बावजूद कार्य शुरू करा दिया गया। जैसे ही उसने काम शुरू किया, वह तेज करंट की चपेट में आ गया और पोल से गिरकर गंभीर रूप से झुलस गया।
हादसे में विपिन बुरी तरह घायल हो गया और घटना में उसके दोनों हाथ काटने पड़े आज वह अपने दो छोटे बच्चों और परिवार के साथ बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन जी रहा है।
पीड़ित की पत्नी ने आरोप लगाया है कि संविदाकर्मी सुनील उसे काम के लिए साथ लेकर गया था, जबकि विपिन ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि विपिन को विद्युत कार्य का पर्याप्त अनुभव नहीं है। इसके बावजूद उस पर दबाव बनाकर उसे काम पर ले गया, और इसी दौरान यह बड़ा हादसा हो गया।
परिजनों ने सुनील, एसएसओ दिनेश और संबंधित जेई पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। परिवार ने जिलाधिकारी अविनाश से मुलाकात कर 10 लाख रुपये आर्थिक सहायता और न्याय की गुहार लगाई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने विद्युत विभाग के चीफ को तलब कर पूरे प्रकरण की विस्तृत जानकारी ली है और मामले में आवश्यक कार्रवाई के आदेश दिए।साथ ही पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता का भरोसा भी दिया गया है। डीएम अविनाश सिंह ने कहा कि जनसुनवाई के दौरान विपिन सहित उसका परिवार उनसे मिला। उन्होंने पीड़ित परिवार को अच्छे इलाज से लेकर हर संभव मदद के साथ परिवार में पत्नी और भाई को संविदाकर्मी के रूप में किसी भी विभाग में नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया है।
वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्युत विभाग में संविदाकर्मी अक्सर बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और स्पष्ट शटडाउन के काम करने को मजबूर होते हैं, जिससे ऐसे हादसे लगातार सामने आ रहे हैं।



