बरेली।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसीएम प्रथम को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि भारत का संविधान हर नागरिक को अपने धर्म और आस्था के अनुसार जीवन जीने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार देता है। ऐसे में किसी विशेष विचारधारा के दबाव में मुकदमा दर्ज करना संविधान और लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है।
कांग्रेसी नेताओं का आरोप था कि नफरती विचारधारा रखने वाले कुछ पुलिसकर्मी और संगठनों की वजह से देश की गंगा-जमुनी तहजीब को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस तरह के पुलिसकर्मियों और नफरत फैलाने वालों पर तुरंत और सख्त कार्रवाई की जाए।
जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेसजन व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे। प्रदर्शन में कांग्रेस के जिला एवं महानगर स्तर के पदाधिकारी, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस तथा अल्पसंख्यक विभाग के नेता व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
कांग्रेसियों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि देश की आज़ादी और संविधान की रक्षा के लिए कांग्रेस हमेशा संघर्षरत रही है और आगे भी अन्याय और भेदभाव के खिलाफ सड़कों पर उतरकर संघर्ष करती रहेगी।




