बार–बार बाउंस होते रहे चेक, निवेशक ने दर्ज कराया मुकदमा, अब बड़ा सवाल—कब मिलेगी मेहनत की कमाई और कब कसेगा कानून का शिकंजा?

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बरेली। कैनविज कंपनी से जुड़ा ठगी मामला लगातार गहराता जा रहा है। निवेशकों की मेहनत की कमाई लौटाने के नाम पर दिए गए चेक एक के बाद एक बाउंस होने से पीड़ितों का धैर्य टूटता दिख रहा है।  गुरुवार को कंपनी के एमडी कन्हैया गुलाटी, उनके साले आशीष महाजन और फाउंडर मेंबर प्रमोद सिंह परिहार के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था।

 

अब एक नया मुकदमा शुक्रवार को बारादरी थाने में कन्हैया गुलाटी की पत्नी राधिका गुलाटी, बेटा गोपाल गुलाटी और एजेंट मोहम्मद सलीम के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।केंट के चनेहटी निवासी धर्मदास गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2019 में एजेंट मोहम्मद सलीम के कहने पर उन्होंने कैनविज कंपनी में एफडी के रूप में भारी रकम जमा की  ।

इसके बदले कंपनी की ओर से 15 हजार रुपये के 42 चेक और 14 हजार का एक चेक कुल 8,80,000 रुपये दिए गए। लेकिन 30 जनवरी 2024 को बैंक में प्रस्तुत करने पर सभी चेक बाउंस हो गए।शिकायत करने पर कंपनी प्रबंधन कन्हैया गुलाटी और उनकी पत्नी राधिका गुलाटी ने पुराने चेक वापस लेकर भरोसा दिया और 2,81,000 रुपये का नया चेक दिया, जिसकी तारीख 20 अक्टूबर 2025 दर्ज थी। लेकिन वह चेक भी अमान्य हो गया।

इसके बाद लगातार आश्वासन दिए गए कि महीने के आख़िर में पैसा आ जाएगा, चेक पास हो जाएगा”—परंतु आज तक एक रुपये की भी वापसी नहीं हुई।पीड़ित धर्मदास गुप्ता का कहना है कि कैनविज के ऑफिस पहुँचने पर राधिका गुलाटी ने 15 नवंबर 2025 को भुगतान की बात कही थी, लेकिन 10 नवंबर तक भी कोई रकम खाते में नहीं आई।

पहले दर्ज मामले में सिर्फ कन्हैया गुलाटी, उनके साले आशीष महाजन और प्रमोद सिंह परिहार को आरोपी बनाया गया था, जबकि नए मुकदमे में राधिका, बेटा गोपाल और एजेंट सलीम को भी शामिल किया गया है। इससे साफ हो रहा है कि परिवार के लोग निवेशकों के साथ लगातार धोखधड़ी कर रहे थे।

अब बड़ा सवाल—निवेशकों की रकम कब लौटेगी?

जैसे जैसे नए मामले सामने आ रहे हैं, पीड़ितों की संख्या भी बढ़ रही है। लोग खुलकर सामने आने लगे हैं।निवेशकों के बीच यह सवाल सबसे बड़ा बन गया है कि कैनविज कंपनी के कर्ताधर्ता आखिर कब तक लोगों की मेहनत की कमाई लौटाएंगे?और कब कानून का शिकंजा इन आरोपियों पर पूरी तरह कसकर पीड़ितों को राहत देगा?

पुलिस का कहना है कि शिकायतें बढ़ रही हैं और आगे और भी मुकदमे दर्ज होने की संभावना है। जांच एजेंसियाँ अब कंपनी की पूरी वित्तीय गतिविधियों को खंगालने में जुटी हैं।

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Author: newsvoxindia

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