बरेली। भोजीपुरा थाना क्षेत्र में मॉर्निंग वॉक पर निकले किराना व्यापारी सियाराम की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि वारदात का मकसद नशे के लिए पैसे जुटाना था। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी ने व्यापारी से ₹1200 लूटे थे, जिनमें से ₹580 बरामद कर लिए गए हैं। मामले में हत्या में इस्तेमाल चाकू, सफेद ओमनी वैन, मृतक का मोबाइल फोन और अन्य अहम साक्ष्य भी पुलिस ने अपने कब्जे में लिए हैं।

एसपी ग्रामीण मुकेश चंद्र मिश्र ने बताया कि 24 जुलाई की सुबह धौरा टांडा निवासी सियाराम मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकले थे। कुछ देर बाद उनका शव बीवियापुर रोड पर मिला। मृतक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिलने के बाद पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआत में परिजनों की तहरीर पर तीन लोगों को नामजद किया गया था, लेकिन जांच के दौरान उनके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले।
इसके बाद पुलिस और एसओजी टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया। जांच में एक सफेद ओमनी वैन संदिग्ध रूप से मृतक के पीछे जाती दिखाई दी। वाहन की पहचान होने के बाद पुलिस आरोपी तक पहुंची और पूछताछ में 19 वर्षीय अरमान पुत्र इम्तियाज ने हत्या करना स्वीकार कर लिया।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने नशे के लिए पैसे जुटाने के उद्देश्य से वारदात की थी। उसने पहले वाहन से सियाराम को टक्कर मारी और फिर चाकू से हमला कर उनकी हत्या कर दी। घटना के बाद वह मृतक की जेब से ₹1200 लेकर फरार हो गया। पुलिस ने उसके कब्जे से ₹580 नकद, हत्या में प्रयुक्त चाकू, मोबाइल फोन, आधार कार्ड, खून से सने कपड़े और अन्य साक्ष्य बरामद किए हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि घटना के बाद आरोपी के पिता इम्तियाज ने साक्ष्य छिपाने में उसकी मदद की। इस आधार पर उन्हें भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी सूखे नशे का आदी है और उसके मानसिक उपचार से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जा रही है।
एसपी ग्रामीण मुकेश चंद्र मिश्र ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने यह भी कहा कि यदि उस समय उसे सियाराम की जगह कोई अन्य व्यक्ति एकांत में मिल जाता, तो वह उसके साथ भी इसी तरह की वारदात कर सकता था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।



