बरेली। बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) की अवैध निर्माणों के खिलाफ शुरू की गई सख्त कार्रवाई बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रही। सूफी टोला स्थित दो भव्य बारात घर ऐवान-ए-फरहत

कार्रवाई 15 साल पुराने आदेश पर आधारित
BDA अधिकारियों ने बताया कि इन दोनों निर्माणों का ध्वस्तीकरण आदेश अक्टूबर 2011 में ही जारी किया जा चुका था, लेकिन वर्षों से इसे अमल में नहीं लाया गया था। अब प्राधिकरण ने सख्ती दिखाते हुए कार्रवाई तेज कर दी है।
पहले दिन महिलाओं ने किया था विरोध
मंगलवार को जब बीडीए टीम मौके पर पहुंची थी तो बारात घरों में रह रही कई महिलाओं ने जोरदार विरोध किया। हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकालकर परिसर खाली कराया। विरोध के बावजूद बीडीए ने कार्रवाई जारी रखने का फैसला लिया।
जेसीबी से न ढही मजबूत इमारतें, पोकलेन बुलानी पड़ी
ध्वस्तीकरण के दौरान बड़ी मुसीबत तब आई जब बारात घरों की मजबूत कंक्रीट संरचना और संकरी जगह के कारण जेसीबी मशीनें काम नहीं कर पाईं। इसके बाद बीडीए ने बड़ी पोकलेन मशीन बुलाकर ढहाने का निर्णय लिया, ताकि गहरी नींव और भारी RCC संरचना को तोड़ा जा सके।
कल की कार्रवाई का विस्तार
पहले दिन की कार्यवाही में बीडीए ने प्रारंभिक हिस्सों को ध्वस्त किया था, जबकि बुधवार को पूरी इमारतों को जमींदोज़ करने का लक्ष्य रखा गया। पोकलेन पहुंचने के बाद कार्रवाई तेज हो गई और बारात घरों का बड़ा हिस्सा मलबे में तब्दील कर दिया गया।
क्षेत्र में सुबह से ही बड़ी संख्या में पुलिस, PAC और बीडीए का स्टाफ तैनात रहा। कार्रवाई को लेकर आसपास के इलाके में चर्चा का माहौल बना रहा। बीडीए अधिकारियों ने साफ कहा है कि अवैध निर्माणों पर चाहे किसी का भी संरक्षण हो, सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।




