25 हजार रुपये का इनाम था घोषित, फरारी के मामले में दो महिला पुलिसकर्मियों को किया गया था निलंबित
बरेली। इलाज के लिए जिला अस्पताल लाई गई महिला बंदी पुलिस अभिरक्षा से फरार होने के बाद करीब दो महीने तक पुलिस को चकमा देती रही। बुर्का पहनकर अस्पताल से निकली ममता को आखिरकार कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, महिला की फरारी में उसके दो बेटों ने कथित तौर पर मदद की थी। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसएसपी बरेली ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। घटना के बाद ड्यूटी पर तैनात दो महिला पुलिसकर्मियों को भी निलंबित किया गया था।

इलाज के दौरान पुलिस अभिरक्षा से हुई थी फरार
ममता पत्नी पप्पू लाल जिला जेल में बंद थी। 2 सितंबर 2026 को उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया था। इसी दौरान वह बुर्का पहनकर पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गई। घटना के बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन काफी प्रयासों के बावजूद उसका सुराग नहीं मिल सका।
बेटों पर बुर्का उपलब्ध कराने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आया कि महिला की फरारी में उसके दो बेटों ने कथित तौर पर मदद की थी। आरोप है कि उन्होंने अपनी मां को बुर्का उपलब्ध कराया, जिसे पहनकर वह पहचान छिपाते हुए अस्पताल से निकल गई। घटना के बाद बंदी की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की गई। लापरवाही के आरोप में दो महिला पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था।
गिरफ्तारी पर घोषित था 25 हजार रुपये का इनाम
महिला के फरार होने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी थी। एसएसपी बरेली ने उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। करीब दो महीने तक फरार रहने के बाद पुलिस को उसे पकड़ने में सफलता मिली।
नगर निगम के नीले कंटेनर की आड़ से गिरफ्तार
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 17 अक्टूबर 2026 की रात करीब 1:40 बजे कोतवाली पुलिस ने ममता को नगर निगम के नीले रंग के कंटेनर की आड़ में छिपे होने के दौरान गिरफ्तार किया। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई।पुलिस के मुताबिक, महिला के खिलाफ कोतवाली थाने में फरारी के संबंध में मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा फरीदपुर थाने में भी उसके खिलाफ एक अन्य मुकदमा दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
एसपी सिटी चिराग जैन ने क्या बताया?
एसपी सिटी चिराग जैन के मुताबिक, 2 सितंबर 2026 को जिला जेल में बंद ममता पत्नी पप्पू लाल को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया था, जहां से वह पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गई थी। उसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस ने 17 अक्टूबर की रात करीब 1:40 बजे उसे नगर निगम के नीले कंटेनर की आड़ से गिरफ्तार कर लिया। मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।



