बरेली। भुता पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए म्यूल अकाउंट खुलवाकर करोड़ों रुपये के अवैध लेनदेन और हवाला कारोबार से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है, जहां से उन्हें जेल भेजा जा रहा है। बताया जा रहा है इस गिरोह का सरगना नीटू गुप्ता जिसकी पुलिस ने तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक वादी शब्बू की तहरीर पर दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान सामने आया कि अभियुक्तों ने पीड़ित के आधार कार्ड, पैन कार्ड सहित अन्य जरूरी दस्तावेज हासिल किए। इसके बाद कूटरचित दस्तावेज तैयार कर दो बैंकों में म्यूल अकाउंट खुलवाए गए। इन खातों का इस्तेमाल अवैध धन के लेनदेन और हवाला कारोबार के लिए किया जा रहा था।
जांच में यह भी सामने आया है कि सत्य साईं फार्म नाम से एक म्यूल खाते से करीब 23 करोड़ 65 लाख रुपये का लेनदेन किया गया है। इसके अलावा अन्य तीन खातों से भी करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है। पुलिस को आशंका है कि इन खातों के जरिए संगठित हवाला नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।
इस मामले में गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान शाहिद पुत्र जमील अहमद, निवासी ग्राम केसरपुर थाना भुता जनपद बरेली और अमित गुप्ता पुत्र रामधन गुप्ता, निवासी ग्राम मुंगरौली गली काकर टोला थाना बारादरी जनपद बरेली के रूप में हुई है।
पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान अभियुक्तों के पास से मोबाइल फोन और नकदी बरामद की गई। पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि उन्होंने एचडीएफसी बैंक और पंजाब नेशनल बैंक सहित अन्य बैंकों में फर्जी फर्मों के नाम पर खाते खुलवाए थे। इन खातों से जुड़ी चेकबुक, खाता संख्या और हस्ताक्षर उनके पास ही रहते थे और इन्हीं खातों के माध्यम से बड़े पैमाने पर लेनदेन किया जाता था।
थाना भुता पर इस संबंध में धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 351(3), 61(2) बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अंशिका वर्मा के अनुसार घटना के संबंध में दो लोगों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया है, जहां से उन्हें जेल भेजा जा रहा है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और बैंक खातों के लेनदेन की गहन जांच कर रही है।




