किसान ने कलेक्ट्रेट पर किया आत्मदाह का प्रयास; डीएम ने दिखाई दरियादिली, बकाया भुगतान के साथ नौकरी का भी किया इंतजाम

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बरेली। दिवाली का त्योहार नजदीक था, घर में आर्थिक तंगी थी, बच्चों की स्कूल फीस बकाया थी और पत्नी के साथ भी पैसों को लेकर कलह हो रही थी। ऊपर से सरकारी गौशाला में चारा सप्लाई करने के बाद भी महीनों से भुगतान नहीं मिला। आखिरकार परेशान किसान पेट्रोल की बोतल लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच गया और आत्मदाह की कोशिश की।

 

घटना से कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि एलआईयू कर्मी अमित कुमार ने समय रहते स्थिति संभाल ली और बड़ा हादसा टल गया। इसके बाद जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने दरियादिली दिखाते हुए न केवल किसान का बकाया भुगतान तत्काल कराया, बल्कि उसके परिवार की आर्थिक स्थिति देखते हुए नौकरी का भी इंतजाम कर दिया।

कलक्ट्रेट गेट पर बढ़ाई गई सुरक्षा

 

मामला मीरगंज तहसील के ग्राम परोरा निवासी महेन्द्र सिंह पुत्र हेतराम का है। महेन्द्र सिंह ने 18 जुलाई 2026 को फतेहगंज पश्चिमी ब्लॉक की सरकारी गौशाला में 63 कुंतल हरा चारा सप्लाई किया था। 350 रुपये प्रति कुंतल के हिसाब से उसका कुल 22,050 रुपये भुगतान बनता था। आरोप है कि लंबे समय तक भुगतान नहीं हुआ। वह अधिकारियों, बीडीओ और एसडीएम कार्यालय के चक्कर काटता रहा, लेकिन उसकी समस्या का समाधान नहीं हो सका।

सोर्स। न्यूज वोक्स

 

बुधवार को जनता दर्शन के दौरान महेन्द्र सिंह करीब दो लीटर पेट्रोल लेकर जिलाधिकारी के पास पहुंचा। डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि बातचीत में किसान ने अपनी आर्थिक परेशानियां बताईं। उसने बताया कि पत्नी और तीन बच्चों के परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। बच्चों की स्कूल फीस तक जमा नहीं कर पा रहा है। उसके पास करीब छह बीघा जमीन है, जिससे वह परिवार का गुजारा करता है।

डीएम ने तत्काल दिलाए 23 हजार रुपये

किसान की हालत देखकर जिलाधिकारी ने तत्काल फतेहगंज पश्चिमी के बीडीओ से बात की। इसके बाद नजारत से नाजिर को बुलवाकर किसान का बकाया 22,050 रुपये का भुगतान कराया गया। साथ ही बच्चों के लिए मिठाई खरीदने के नाम पर अतिरिक्त रकम दी गई। इस तरह किसान को कुल 23 हजार रुपये की मदद मिली।

दिवाली से पहले नौकरी का भी इंतजाम

डीएम ने किसान की आर्थिक स्थिति को देखते हुए मौके पर मौजूद सेमीखेड़ा शुगर मिल के जीएम से भी बातचीत की। इसके बाद महेन्द्र सिंह को संविदा या दैनिक वेतन के आधार पर काम दिलाने का निर्णय लिया गया। डीएम के मुताबिक, उसे अगले दिन से ही काम पर रखने की व्यवस्था करने की बात कही गई, ताकि परिवार को नियमित आमदनी का सहारा मिल सके। मदद मिलने के बाद किसान संतुष्ट होकर कलेक्ट्रेट से वापस लौट गया।

डीएम अविनाश सिंह ने दी यह जानकारी

जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि जनता दर्शन के दौरान मीरगंज के ग्राम परोरा निवासी महेन्द्र सिंह अपनी शिकायत लेकर पहुंचे थे। बातचीत में पता चला कि उन्होंने फतेहगंज पश्चिमी ब्लॉक की सरकारी गौशाला में हरा चारा सप्लाई किया था, जिसका करीब 22 हजार रुपये भुगतान लंबे समय से लंबित था। भुगतान न होने से वह काफी परेशान थे और अपने साथ पेट्रोल भी लेकर आए थे।

 

डीएम के मुताबिक किसान ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण परिवार में परेशानियां बढ़ रही हैं। बच्चों की स्कूल फीस जमा नहीं हो पा रही है और घर चलाना भी मुश्किल हो रहा है। उसकी स्थिति को देखते हुए तत्काल बीडीओ से बात की गई और नजारत के माध्यम से 22,050 रुपये का बकाया भुगतान करा दिया गया। इसके अलावा बच्चों के लिए मिठाई खरीदने के उद्देश्य से अतिरिक्त राशि देते हुए कुल 23 हजार रुपये की मदद की गई।

जिलाधिकारी ने बताया कि किसान की आर्थिक स्थिति को देखते हुए सेमीखेड़ा शुगर मिल के जीएम से भी बातचीत की गई। उसे संविदा अथवा दैनिक वेतन के आधार पर काम दिलाने का निर्णय लिया गया है, ताकि उसे नियमित आमदनी का सहारा मिल सके।

 

 

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Author: newsvoxindia

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