रामपुर। रामपुर में आज का दिन सपा समर्थकों के लिए खुशी और मायूसी दोनों लेकर आया। एक तरफ रामपुर जेल से अब्दुल्ला आजम की रिहाई पर समर्थकों ने जमकर जश्न मनाया, वहीं दूसरी तरफ सपा नेता आजम खान को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम अपने साथ ले गई। अब्दुल्ला आजम की रिहाई की खुशी के बीच आजम खान को ईडी की हिरासत में लिए जाने से समर्थकों को बड़ा झटका लगा।

जेल से बाहर आते ही अब्दुल्ला आजम का कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। समर्थकों ने आतिशबाजी कर खुशी का इजहार किया। इस दौरान आजम खान जिंदाबाद और अब्दुल्ला आजम जिंदाबाद के नारे गूंजते रहे। गाड़ी में सवार अब्दुल्ला आजम ने हाथ हिलाकर कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार किया। लंबे समय से रिहाई का इंतजार कर रहे समर्थकों में खासा उत्साह दिखाई दिया।

इसी बीच आजम खान को लेकर दूसरा घटनाक्रम सामने आया। जेल से रिहाई के बाद ईडी की टीम उन्हें अपने साथ ले गई। इस दौरान आजम खान और ईडी की टीम के बीच काफी देर तक नोकझोंक और बहस होने की बात सामने आई। बाद में टीम उन्हें गाड़ी में बैठाकर रवाना हो गई।
सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप
जांच एजेंसी की पड़ताल में आरोप लगाया गया है कि सरकारी परियोजनाओं के लिए आवंटित बजट और निर्माण कार्यों से जुड़े ठेकेदारों के भुगतान की रकम का कथित रूप से विश्वविद्यालय के निर्माण में उपयोग किया गया। इसके साथ ही, फर्जी चंदे के माध्यम से धन जुटाकर उसे वैध दिखाने और मनी लॉन्ड्रिंग किए जाने की आशंका भी जताई गई है। इस प्रकरण को लेकर अजीमनगर थाने में एक नया मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। सरकारी धन के कथित इस्तेमाल और वित्तीय लेनदेन में अनियमितताओं के इन्हीं आरोपों के आधार पर जांच एजेंसियां मामले की पड़ताल और कार्रवाई कर रही हैं।
अखिलेश यादव ने कार्रवाई की निंदा
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वरिष्ठ सपा नेता आजम खान के खिलाफ हो रही कानूनी कार्रवाई को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर मौजूदा सरकार पर निशाना साधा और आजम खान को बार-बार मुकदमों में उलझाकर जेल भेजे जाने को निंदनीय बताया।
अखिलेश यादव ने अपने बयान में सत्ता में बैठे लोगों को आगाह करते हुए कहा कि उन्हें याद रखना चाहिए कि जब वक्त बदलता है तो तख्त भी बदल जाते हैं। आजम खान के साथ जिस तरह मुकदमों के जरिए साजिश किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है, उसे पूरा देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भी देख रही है।
उन्होंने कहा कि उम्रदराज व्यक्ति को कथित तौर पर निरर्थक मुकदमों में फंसाकर बार-बार जेल भेजना बेहद कायरतापूर्ण कदम है। आज की सत्ता जिस गलत परंपरा को बढ़ावा दे रही है, समय बदलने पर उसे खुद भी इसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।



