पीलीभीत में सरकारी योजना के तहत ऋण स्वीकृत कराने के नाम पर रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। भ्रष्टाचार निवारण संगठन, बरेली मंडल की टीम ने बुधवार को जिला उद्योग केंद्र में तैनात वरिष्ठ सहायक हिमांशु कुमार को 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
आरोप है कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत वाटर प्लांट लगाने के लिए ऋण स्वीकृत कराने के एवज में शिकायतकर्ता से रकम मांगी गई थी। शिकायत मिलने के बाद संगठन की टीम ने जाल बिछाया और निर्धारित कार्रवाई के दौरान आरोपी को पकड़ लिया।
भ्रष्टाचार निवारण संगठन की ओर से जारी प्रेस नोट के मुताबिक, शिकायतकर्ता सुरेंद्र कुमार पुत्र कंचन लाल निवासी बहादुरपुर हुक्मी, थाना बरखेड़ा, जिला पीलीभीत ने संगठन से शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत वाटर प्लांट स्थापित करने के लिए ऋण स्वीकृत कराने के बदले जिला उद्योग केंद्र में तैनात वरिष्ठ सहायक हिमांशु कुमार 5,000 रुपये की मांग कर रहा था।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए भ्रष्टाचार निवारण संगठन, बरेली मंडल की टीम ने नियमानुसार कार्रवाई की तैयारी की। बुधवार, 28 अक्टूबर को ट्रैप टीम प्रभारी निरीक्षक इश्तियाक वारसी के नेतृत्व में टीम जिला उद्योग केंद्र, पीलीभीत पहुंची। प्रेस नोट के अनुसार, दोपहर करीब 12:20 बजे कार्रवाई करते हुए हिमांशु कुमार को कथित तौर पर 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
शिकायत के बाद टीम ने की कार्रवाई
सरकारी योजना के तहत स्वरोजगार शुरू करने के लिए ऋण की प्रक्रिया में रिश्वत मांगने की शिकायत पर हुई इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान का हिस्सा बताया गया है। संगठन की टीम ने आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में थाना कोतवाली, पीलीभीत में मुकदमा दर्ज कराने और आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू की है।
भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी सरकारी काम को करने के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी शिकायत संगठन से करें, ताकि नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।



