बरेली। बरेली जंक्शन पर ट्रेनों के निरस्त होने का असर यात्रियों की आवाजाही के साथ स्टेशन परिसर के कारोबार पर भी दिखाई देने लगा है। दिल्ली पैसेंजर समेत चार ट्रेनों के रद्द होने से स्टेशन पर यात्रियों की संख्या कम होने की बात सामने आई है। इससे प्लेटफॉर्म पर अपेक्षाकृत सन्नाटा नजर आया, वहीं यात्रियों की आवाजाही पर निर्भर दुकानदारों को भी बिक्री में कमी का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, स्टेशन प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि सीजीएपी के आंदोलन का रेल परिचालन पर कोई असर नहीं पड़ा है।
चार ट्रेनें निरस्त, यात्रियों को हुई परेशानी
स्टेशन प्रबंधक भानु प्रताप के मुताबिक, बरेली जंक्शन से संबंधित कुल चार ट्रेनों को निरस्त किया गया है। इसके चलते यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना में बदलाव करना पड़ा। खासकर दिल्ली जाने वाले यात्रियों को ट्रेन की उपलब्धता को लेकर परेशानी उठानी पड़ी। स्टेशन पहुंचने वाले यात्री ट्रेनों के संचालन की जानकारी लेते रहे और अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए दूसरे विकल्प तलाशते नजर आए।
दिल्ली पैसेंजर रद्द होने से दुकानदारी प्रभावित
स्टेशन परिसर में दुकान चलाने वाले शिवम ने बताया कि दिल्ली पैसेंजर ट्रेन रद्द होने के बाद यात्रियों की संख्या में कमी आई है। आम दिनों में यात्रियों की आवाजाही से व्यस्त रहने वाला स्टेशन अब अपेक्षाकृत खाली नजर आ रहा है। इसका सीधा असर दुकानदारों की कमाई पर पड़ रहा है।
शिवम के मुताबिक, स्टेशन पर यात्रियों की संख्या कम होने से ग्राहकों की आवाजाही भी घटी है, जिससे बिक्री प्रभावित हुई है। स्टेशन पर दुकानदारी करने वाले लोगों का कारोबार काफी हद तक यात्रियों की आवाजाही पर निर्भर करता है। ऐसे में ट्रेनों के निरस्त होने से उनकी रोजाना की कमाई पर असर पड़ रहा है।
आंदोलन का रेल संचालन पर असर नहीं: स्टेशन प्रबंधक
स्टेशन प्रबंधक भानु प्रताप ने बताया कि कुल चार ट्रेनें निरस्त की गई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीजीएपी के आंदोलन के कारण ट्रेनों का संचालन प्रभावित नहीं हुआ है। इस तरह ट्रेनों के निरस्त होने और आंदोलन के बीच किसी संबंध की पुष्टि स्टेशन प्रबंधन ने नहीं की है।




